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Chhattisgarh: 'ट्रांजैक्शन नहीं, ट्रांसफॉर्मेशन बने जीवन का लक्ष्य', बिलासपुर में राज्यपाल रमेन डेका बोले
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 21 Feb 2026 10:07 PM IST
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राज्यपाल रमेन डेका ने अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में कुलपतियों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। यह सम्मेलन 'विश्वविद्यालयों को समग्र विकास के लिए बदलना' विषय पर आयोजित किया गया। इसमें देश और प्रदेश के कुल 42 कुलपतियों और पूर्व कुलपतियों ने भाग लिया।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन का लक्ष्य केवल लेनदेन नहीं, बल्कि परिवर्तन बने। इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका कन्हार का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य एडीएन वाजपेयी और महापौर पूजा विधानी भी मौजूद थीं।
राज्यपाल रमेन डेका ने भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था को अत्यंत समृद्ध और मूल्यनिष्ठ बताया। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक काल में लॉर्ड मैकाले की नीतियों के कारण इसकी दिशा बदली थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय मूल्यों को पुनर्स्थापित करने का सशक्त प्रयास है। विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे इसकी विशेषताओं को समाज तक पहुंचाएं और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल उपाधि प्रदान करने वाले संस्थान नहीं हैं। वे विचार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के केंद्र हैं। उन्होंने शैक्षणिक सुशासन, गुणवत्ता आश्वासन, शोध एवं नवाचार पर विशेष बल दिया। समग्र विकास की दिशा में स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की समस्या सबसे बड़ी चुनौती है। जब तक विद्यार्थी शिक्षा से निरंतर जुड़े नहीं रहेंगे, तब तक किसी भी नीति का उद्देश्य पूर्ण नहीं हो सकता।
अंकीय युग का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरजाल संसाधन और आंकड़ा विश्लेषण उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण उपकरण हैं। इनका उपयोग शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए। साथ ही मानवीय मूल्यों को भी सुदृढ़ बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने शोध और नवाचार को विश्वविद्यालयों की आत्मा बताया। गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान से ही आत्मनिर्भर भारत की नींव सशक्त होगी। विश्वविद्यालयों को उद्योग, समाज और शासन के साथ समन्वय स्थापित कर नवाचार की संस्कृति विकसित करनी चाहिए।
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