सक्ती जिले के सिंघीतराई इलाके में स्थित वेदांता पावर प्लांट में दो दिन पहले हुए भीषण ब्लास्ट में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है। वहीं अभी भी रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों का इलाज जारी है। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों की हालत देखकर लगता है कि मृतकों का आंकड़ा और अधिक बढ़ सकता है। इस घटना के बाद आज प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन आज रायगढ़ पहुंचे और उन्होंने अलग-अलग अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात करके बेहतर इलाज के निर्देश दिये है।
रायगढ़ जिला मुख्यालय में स्थित ओपी जिंदल फोर्टिस अस्पताल, बालाजी मेट्रो अस्पताल, अपेक्स अस्पताल और रायगढ़ मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती सभी घायल श्रमिकों से मिलकर प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने उनके इलाज का जायजा लिया। साथ ही साथ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उद्योग मंत्री ने कहा कि आज हम लोगों ने इस घटना में घायल मजदूरों के अलावा उनके परिजनों से मुलाकात किये हैं। मृतकों के परिजनों को कंपनी प्रबंधन, केन्द्र सरकार, राज्य सरकार की तरफ से 42 लाख रूपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है। इसी तरह घायलों को 15 लाख रूपये दिये जाने की भी घोषणा की गई है। 20 लोगों की मौत होना बहुत दुखद घटना है। घायल लोगों को बेतहर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। घटना के हर पहलू के जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कडी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों के साथ बैठक करके घटना स्थल का भी निरीक्षण किया जाएगा। आने वाले समय में इस तरह की घटना ना हो इसके लिये अलग से निर्देश जारी की जाएगी। रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल में अभी भी 4, अपेक्स अस्पताल में 2, मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में 2 के अलावा बालाजी मेट्रो अस्पताल में 3 के अलावा अन्य अस्पतालों में झुलसे मजदूरों का इलाज जारी है।
प्रदेश के उद्योग मंत्री के साथ सक्ती जिले के कलेक्टर टापनो भी आज रायगढ़ पहुंचे थे उन्होंने कहा कि वेदांता पावर प्लांट के प्रबंधन के खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, लेकिन पहली प्राथमिकता गंभीर रूप से घायल श्रमिकों का इलाज बेहतर तरीके से हो और मृतकों के परिवारों को उनके परिजनों के शव को सौंपते हुए घर तक पहुंचाने का प्रबंध हो जाए। फिलहाल इस घटना के न्यायिक जांच के आदेश दे दिये गए हैं और हर पहलु पर प्रशासनिक टीम नजर रख रही है। बातचीत के दौरान कलेक्टर का कहना था कि केन्द्र शासन, राज्य शासन और कंपनी प्रबंधन द्वारा अलग-अलग मुआवजे का ऐलान, मृतकों और घायलों के लिये किया गया है। साथ ही साथ प्रबंधन की तरफ से घायलों को स्वास्थ्य लाभ मिलने तक सभी सहायता देने की भी घोषणा की गई है। सक्ती जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि जल्द ही प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और फिलहाल इस हादसे में घायल श्रमिकों को बेहतर इलाज के साथ-साथ जल्द स्वस्थ्य लाभ मिले उस पर ध्यान दिया जा रहा है।