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सुल्तानपुर में फायरिंग में युवक की मौत, किया गया अंतिम संस्कार
सुल्तानपुर में फायरिंग में दिलीप यादव की मौत हो गई। गुरुवार दोपहर अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने पहले शव रखकर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और बुलडोजर कार्रवाई की मांग की थी, जिसके कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई। बल्दीराय थानाक्षेत्र के बिघौली गांव में हुई इस घटना में दिलीप की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
यह घटना 9 अप्रैल की रात की है। गांव निवासी समरजीत यादव की पत्नी की तेरहवीं का कार्यक्रम था। समरजीत की बेटी प्रीति यादव अपने पट्टीदारों, त्रिवेणी यादव और राजेश यादव के घर दावत का निमंत्रण देने गई थी।
निमंत्रण के दौरान राजेश यादव ने प्रीति के साथ गाली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर राजेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर समरजीत के परिवार पर फायरिंग कर दी।
फायरिंग में चली गोलियों के छर्रों से समरजीत यादव के परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
घायलों में दिलीप यादव (सभाजीत के पुत्र) को शरीर में गंभीर छर्रे लगे थे। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर भेज दिया था। बुधवार को इलाज के दौरान दिलीप की लखनऊ में मौत हो गई।
घटना में संतोष (राज नरायन निवासी खंडासा), प्रीति यादव (सभाजीत की पुत्री), दिव्यांश (देवेंद्र कुमार निवासी बिघौली) और योगेंद्र यादव (कुमारगंज, अयोध्या) भी घायल हुए थे। दिलीप का शव रात को गांव पहुंचा, जिसके बाद परिजनों ने प्रशासन से मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, बुलडोजर कार्रवाई, 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद और लाइसेंसी असलहा दिए जाने की मांग की।
मृतक दिलीप दिल्ली में मजदूरी करता था। मां की तेरहवीं से चार दिन पहले ही घर आया था। वह अपने पिता की इकलौती संतान था। उसकी एक बहन है जिसकी शादी टूट गई है।
उधर, पुलिस आरोपियों को पकड़ने में पूरी तरह फेल रही। कल जब युवक की मौत हुई तो अनान-फानन में अपनी साख बचाने के लिए पुलिस ने संगम पुत्र त्रिवेणी की गिरफ्तारी की थी।
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