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नारनौल पढ़ाई के साथ डिलीवरी का काम कर परिवार की कर रहा मदद चार भाई बहनों में सबसे बड़ा है कपिल
पिता पुल बाजार पर चलाते हैं चाय की दुकान
संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। कॉलेज जाने की उम्र में जहां युवाओं में अलग ही जोश देखने को मिलता है, वहीं आईटीआई के कोपा की ट्रेड में पढ़ने वाले कपिल कुमार पढ़ाई के साथ अपने परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए देर रात तक भोजन की डिलीवरी करने का काम कर रहा है। कपिल चार भाई बहनों में सबसे बड़ा है और पिता पुल बाजार पर चाय की दुकान चलाते हैं। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति को कुछ मजबूत करने व छोटे भाई बहनों की शिक्षा के लिए कपिल देर रात तक जागता है, ताकि अपने व उनके सपने सच कर सके।
15 नवंबर 2000 को शहर की फौजदार कॉलोनी में एक साधारण से परिवार में जन्मे कपिल ने 12वीं पास करने के बाद महेंद्रगढ़ रोड स्थित आईटीआई की कोपा ट्रेड में दाखिला लिया और पढ़ाई के साथ-साथ काम करना भी शुरू कर दिया, ताकि अपना खर्च स्वयं उठा सके और परिवार पर बोझ न बने। हालांकि कपिल का सपना है कि वह सरकारी नौकरी हासिल कर कामयाब बन सके।
आईटीआई के बाद डिलीवरी:
कपिल सुबह 9 से शाम 5 बजे तक आईटीआई में पढ़ाई करता है और छुट्टी होने के बाद खाने की डिलीवरी करने में जुट जाता है। करीब डेढ़ साल से डिलीवरी कर रहे कपिल ने बताया कि वह रात करीब 12 बजे तक यह काम करता है और उसके बाद घर जाकर रात 2 बजे तक पढ़ाई करता है। सुबह 6 बजे उठने के बाद छोटी बहनों को स्कूल छोड़कर आईटीआई में पहुंच जाता है। छुट्टी वाले दिन कपिल पूरा दिन डिलीवरी करता है।
12 से 15 हजार की हो जाती है आमदनी:
कपिल ने बताया कि उसे हर डिलीवरी पर 40 रुपये मिलते हैं और शहर से बाहर डिलीवरी करने पर 11 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से अतिरिक्त चार्ज लिया जाता है। ऐसे में सारा खर्चा काटने के बाद उसके पार हर माह कभी 12 तो कभी 15 हजार रुपये बच जाते हैं।
वर्जन:
कपिल बहुत ही मेहनती व सबका सम्मान करने वाला छात्र है। संस्थान से छुट्टी के बाद वह परिवार की मदद करने के लिए खाने की डिलीवरी का काम कर रहा है। आशा है कि वह अपनी मेहनत के बल भविष्य में कामयाबी के शिखर तक पहुंचे।
विनोद खनगवाल, प्राचार्य आईटीआई।
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