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VIDEO : पानीपत में मौसम में बदलाव के साथ बढ़े स्केबिज के रोगी
सर्दी शुरू होते ही मौसमी बीमारियों के साथ साथ चमड़ी के स्केबिज ने भी लोगों को परेशान कर दिया है। स्केबिज (खुजली) रोग काफी तेजी से बढ़ रहा है। ये आमतौर पर स्कूली बच्चों में तेजी से बढ़ रहा है। एक दूसरे के संपर्क में आने से रोगी बढ़ रहे हैं। डॉक्टर इलाज के साथ-साथ लोगों को स्केबिज व अन्य चर्म रोगों के बारे में जागरूक कर रहे हैं। इस रोग के खिलाफ लोग जागरूक नहीं है।
जिला नागरिक अस्पताल में सुबह से ही चर्म रोगियों की कतारे लगनी शुरू हो जाती है। हर रोज सिविल अस्पताल में 320 से 350 स्किन रोगियों की ओपीडी होती है। इनमें बच्चे व महिलाओं की संख्या 70 प्रतिशत है। स्केबिज आंगनबाड़ी, स्कूल व कोचिंग सेंटर में बच्चों को एक दूसरे से फैल रहा है। इसका दूसरा कारण स्वच्छ कपड़े ना पहनना भी है।
क्या होता है स्केबिज
स्केबीज घुन से होने वाला खुजली वाला त्वचा का संक्रमण है। इसके अंडों और मल से होने वाले एलर्जिक प्रतिक्रिया के कारण रोगी को दाने या मुंहासे होते हैं। जब घुन आपकी त्वचा की परत को भेदते हुए अंदर प्रवेश कर जाती है, तब यह समस्या होती है। स्केबीज संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। स्केबीज एक साथ परिवार के कई सदस्यों को हो सकती है। इतना ही नहीं यदि किसी संक्रमित व्यक्ति को इसके लक्षण न भी नजर आ रहे हों, तब भी वह दूसरे व्यक्ति को इस रोग से संक्रमित कर सकता है।
लक्षण
स्केबीज से गंभीर खुजली होती है, जो अक्सर रात के समय बढ़ जाती है। इसके साथ ही रेशेज के साथ छोटे फफोले और घाव हो जाते हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में खुजली की समस्या अधिक होती है। बच्चों की त्वचा अपेक्षाकृत अधिक संवेदनशील होती है।
स्केबीज को नजर अंदाज ना करें : डॉ. राघवेंद्र
स्केबीज बड़ी समस्या बनती जा रही है। जब भी शरीर पर लाल दाने हो और उनमें खुजली हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। स्कूली बच्चों में ये अधिक बढ़ रही है। अगर कक्षा में एक बच्चे को स्केबिज हो जाए तो ये धीरे-धीरे दूसरों में भी फैल जाती है। स्केबीज से ग्रस्त रोगियों के कपड़े साफ होने चाहिए। एक रोगी के कपड़े अगर कोई दूसरा व्यक्ति पहनता है तो वह भी इस रोग से ग्रस्त हो जाता है। -डॉ. राघवेंद्र, चर्म रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल।
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