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Video: लक्ष्मीधर बेहरा बोले- क्वांटम टेक्नोलॉजी, भूकंप और जलवायु परिवर्तन पर शोध करेगा आईआईटी मंडी
आईआईटी मंडी का 14वां दीक्षांत समारोह शनिवार को मनाया गया। समारोह में वेलस्पन वर्ल्ड के संस्थापक बीके गोयनका ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। संस्थान की तरफ से निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने उन्हें शॉल, टोपी और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में बीके गोयनका ने कहा कि आज मेड इन इंडिया के सपने को साकार करने के लिए एआई की मदद लेना जरूरी हो गया है। आज हमें ऐसे उत्पाद बनाने की जरूरत है जो विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। देश के पास आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में एक मजबूत नेतृत्व मौजूद है। यही सही समय है देश को आगे ले जाने का। आईआईटी जैसे संस्थान विकसित भारत के सपने को साकार करने में अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। आईआईटी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि आईआईटी में जो भी बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं उसमें से 10 प्रतिशत को रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने क्वांटम टेक्नोलॉजी को डेवलप करने के लिए 200 करोड़ की धनराशि दी है। सुपर कंप्यूटर को बनाने में अभी बहुत खर्च आता है तो उसे कम कीमत पर बनाने की दिशा में संस्थान कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही संस्थान में जलवायु परिवर्तन और भूकंप पर शोध कार्य शुरू होने जा रहा है। भूकंप पर शोध के लिए थ्री-डी पेंडुलम भी बनाया जा रहा है जिसके माध्यम से बहुत से शोध कार्य किए जाएंगे। संस्थान द्वारा लोगों को पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों की मदद से आपदा के दौरान बचाव के तरीके भी सिखाए जाएंगे। बॉक्स 643 को मिली डिग्रियां दीक्षांत समारोह में 643 छात्रों को डिग्रियां बांटी गई जिसमें 321 अंडरग्रेजुएट, 259 पोस्ट ग्रेजुएट और 63 डॉक्टोरल स्कॉलर शामिल रहे। प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया गोल्ड मेडल से सम्मानित वयुन गोयल और निदेशक मेडल से सम्मानित सुखवंश ने बताया कि आईआईटी मंडी में उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ बहुत कुछ सीखने को मिला जो भविष्य में उनके काम आएगा। 14वें दीक्षांत समारोह में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
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