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Video: मंडी में महिला अधिकारों पर प्रशिक्षण, विद्या नेगी बोलीं- हर महिला को कानूनी अधिकारों की जानकारी जरूरी
Ankesh Dogra
Updated Wed, 29 Jul 2026 04:21 PM IST
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महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने मंगलवार को मंडी के ढांगसीधार स्थित राज्य प्रशिक्षण केंद्र के प्रमुख संसाधन केंद्र में एक दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में काउंसलर, चिकित्सा विशेषज्ञ, वन स्टॉप सेंटर कर्मी, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता और संरक्षण अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला को अपने कानूनी अधिकारों और सुरक्षा संबंधी कानूनों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। यदि किसी महिला के व्यक्तिगत या सामूहिक अधिकारों का हनन होता है या उसे समान अधिकारों से वंचित किया जाता है तो वह संबंधित विभाग, पुलिस, न्यायालय अथवा राज्य महिला आयोग से सहायता प्राप्त कर सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग महिलाओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करवाता है। आयोग निःशुल्क परामर्श उपलब्ध कराता है और पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करता है। आयोग में शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को महिलाओं के पुलिस संबंधी अधिकार, पूछताछ और गिरफ्तारी के दौरान मिलने वाले कानूनी संरक्षण, एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम-2005, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, बलात्कार संबंधी कानूनी प्रावधान, भरण-पोषण के अधिकार और महिला सुरक्षा से जुड़े अन्य कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इसके अलावा वन स्टॉप सेंटरों की भूमिका और संकटग्रस्त महिलाओं को त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
जिला कल्याण अधिकारी अजय बदरेल ने वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली और विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी। डॉ. राजीव कुमार ने महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संकट की स्थिति में पीड़ित महिलाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार करना जरूरी है। विधि अधिकारी यशपाल शर्मा ने महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न अधिनियमों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
डीएसपी (मुख्यालय) दिनेश कुमार ने महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, महिला हेल्पलाइन सेवाओं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या अपराध की स्थिति में बिना संकोच पुलिस से संपर्क करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव बुशरा अंसारी ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना, चंबा और लाहौल-स्पीति जिलों के वन स्टॉप सेंटरों के कर्मचारी तथा संबंधित अधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य रीना पुंडीर, सरोज शर्मा और रीना द्रोच सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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