अनूपपुर जिले में दो दिसंबर से धान खरीदी का कार्य किया जा रहा है, जिसके लिए जिले भर में 34 खरीदी केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें से 20 खरीदी केंद्र समिति स्तर पर और 14 खरीदी केंद्र की जिम्मेदारी स्व सहायता समूहों को दी गई है। खरीदी को प्रारंभ हुए 12 दिन का समय बीत रहा है। इसके बावजूद जिले में 10 स्थान पर अब तक विभागीय प्रक्रिया की उलझन के कारण खरीदी केंद्र प्रारंभ नहीं किए जा सके हैं, जिसके कारण खरीदी केंद्र में पंजीकृत किसान अपनी फसल बेचने के लिए प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। लेकिन यह केंद्र प्रारंभ होने के कारण उनकी फसल की खरीदी नहीं हो पा रही है, जिसके कारण धीरे-धीरे समय बीतता जा रहा है।
अनूपपुर में वर्तमान समय में 24 केंद्र में धान की खरीदी की जा रही है, जिनमें धान खरीदी के लिए 21,975 किसानों ने अपना पंजीयन यहां कराया है। धान खरीदी के लिए कुल 34 केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें कुल 24 अभी प्रारंभ हैं। जहां 21खरीदी केंद्र समिति स्तर पर और तीन स्व सहायता समूह इनका संचालन कर रहे हैं, जिनमें अब तक 3,050 किसानों से एक लाख 52 हजार 411 क्विंटल धान की खरीदी की गई है।
10 केंद्र के प्रारंभ होने में संशय, किसान भी हो रहे हैं परेशान
जिले भर में वर्तमान समय में 10 खरीदी केंद्र ऐसे हैं, जो की खरीदी के 12 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक प्रारंभ नहीं हो पाए हैं, जिनमें बलबहरा जैतहरी, हर्रा टोला राजेंद्र ग्राम, मानिकपुर सिवनी, सिंघौरा, सिवनी जैतहरी, नोनघटी, धीरू टोला, अमगवा, छील्पा और दैखल में ऐसे खरीदी केंद्र जिनका संचालन स्व सहायता समूहों को करना था, वह प्रारंभ नहीं हो पाए हैं। समूह ने यहां अधिकारियों के आश्वासन के बाद टेंट सहित अन्य व्यवस्थाएं बना ली थी। लेकिन काफी दिन का समय बीत जाने के बाद जब कोई निर्णय नहीं हुआ तो फिर से उन्होंने टेंट निकाल लिया। किसान भी अपने समिति खरीदी केंद्र के प्रारंभ न होने से काफी परेशान हैं, जिनका कहना है कि लगातार समय बीतते जा रहा है। लेकिन अभी तक यहां खरीदी केंद्र प्रारंभ नहीं हो रहा है।
विभाग ने पुनः अवलोकन के लिए भेजा पत्र
10 धान खरीदी केंद्र जिनका संचालन स्व सहायता समूहों को मिला था, उनके प्रारंभ होने के पीछे खाद्य विभाग के अधिकारियों ने यह वजह बताई कि दो नवंबर 2024 की स्थिति में जिन स्व सहायता समूहों के खाते में दो लाख से कम रुपये की राशि पाई गई। ऐसे समूह को विभाग ने निर्धारित मापदंड के अनुसार नहीं पाए जाने पर कार्य प्रदान करने से मना कर दिया, जिसके कारण अभी तक यह केंद्र प्रारंभ नहीं हो पाए हैं।
खरीदी का समय बीत रहा है और इन केंद्र के आसपास रहने वाले किसान खरीदी केंद्र प्रारंभ होना होने से परेशान हो रहे हैं, जिसको देखते हुए विभाग ने फिर से पुनः अवलोकन के लिए पत्र विभाग को भेजी है। दूसरी ओर किसानों का कहना है कि खाद्य विभाग सहित प्रशासन ने जानकारी के अभाव में ऐसे स्व सहायता समूह की सूची कार्यप्रदान करने के लिए वरिष्ठ कार्यालय को भेज दी, जो निर्धारित मापदंड को पूरा नहीं करते थे और इसी वजह से यह प्रक्रिया लेटलतीफी का शिकार हुई।
फिर से विभाग को पत्र भेजा गया है। सोमवार तक बंद पड़े खरीदी केंद्र के प्रारंभ होने की संभावना है।
बालमेंद्र सिंह, खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, अनूपपुर