गुना जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय में योजना से वंचित लाडली बहनों ने हंगामा कर दिया गया। योजना से जुड़े फॉर्म जमा नहीं होने से नाराज बहनें तो ये भी कह गईं कि योजना का लाभ देना हो तो सभी को दो नहीं तो इसे बंद करो।
बता दें कि मध्यप्रदेश में गेमचेंजर की भूमिका निभाने वाली मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के लाभ से वंचित रह गई महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा कर दिया। महिलाओं के शोर-शराबे का नतीजा यह हुआ कि कलेक्टर को अपने कक्ष से बाहर आना पड़ गया। महिलाओं का दावा था कि उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों से जानकारी मिली थी कि कलेक्ट्रेट में योजना के फॉर्म जमा हो रहे हैं, इसलिए दूर-दराज के इलाकों से सैकड़ों रुपये खर्च कर यहां पहुंची हैं, लेकिन उनके फार्म जमा नहीं हो रहे हैं।
दरअसल, मंगलवार को जनसुनवाई शुरू होने से पहले ही कलेक्ट्रेट परिसर में गुना, राघौगढ़, चांचौड़ा और आसपास के अंचल से सैकड़ों महिलाओं की भीड़ देखकर प्रशासनिक अमला दंग रह गया। महिलाओं की संख्या ज्यादा थी कि इसलिए पुलिसकर्मियों ने उन्हें जनसुनवाई में जाने की इजाजत नहीं दी। महिलाएं शोर मचा रही थी, जिसकी जानकारी कलेक्टर डॉ. सतेंद्र सिंह को दी गई। कलेक्टर ने जनसुनवाई कक्ष के बाहर मौजूद महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि लाडली बहना योजना के फॉर्म सरकार की मंजूरी के बाद पूरे मध्यप्रदेश में ऑनलाईन भरे जाएंगे। उन्होंने महिलाओं को समझाया कि वे रोजाना कलेक्ट्रेट आकर अपना समय और पैसा खर्च न करें। महिलाएं चाहें तो सादा कागज पर अपना आवेदन दे सकती हैं, जब भी ऑनलाइन वेबसाइट पर फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू होगी, उनके आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। इसके लिए कलेक्ट्रेट में टेबिल लगाई गई है, जिसका काम आवेदन लेना मात्र है। लेकिन, उन्हें ऑनलाइन तब किया जाएगा जब सरकार की ओर से हरी झंडी मिलेगी।
वहीं, इस दौरान कई महिलाओं ने बताया कि फोटो कॉपी संचालक और ऑनलाइन संचालक उनसे 100-200 रुपए मांग रहे हैं और आवेदन जमा करने की बात कह रहे हैं। इस जानकारी को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अगर, ऐसा कोई व्यक्ति पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लाडली बहना योजना में शामिल होने की गुहार लेकर आईं अधिकांश महिलाओं ने योजना से संबंधित पुराने फॉर्म भी दिखाए, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के फोटो छपे हुए थे। कुल मिलाकर जिलेभर में लाड़ली बहना योजना को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। महिलाओं का दावा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों से उन्हें गुमराह किया जा रहा है। फोटो कॉपी संचालक और ऑनलाइन संचालक उनसे पैसे लेते हैं। हालांकि, मंगलवार को कलेक्टर द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है।