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Harda News: पुलिस प्रताड़ना से तंग आदिवासी बुजुर्ग की मौत, निलंबन की मांग को लेकर हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदा Published by: हरदा ब्यूरो Updated Mon, 11 May 2026 06:21 PM IST
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हरदा जिले के हंडिया थाना क्षेत्र के ग्राम रेलवा निवासी आदिवासी बुजुर्ग अजब सिंह कोरकू की इंदौर में उपचार के दौरान शनिवार रात मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया था। मौत के बाद परिजनों और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश फैल गया।
रविवार को परिजन शव लेकर पहले हंडिया थाने पहुंचे और वहां विरोध प्रदर्शन करते हुए एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। जब पुलिस अधीक्षक मौके पर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मृतक के बेटे चरण सिंह ने आरोप लगाया कि हंडिया थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक कंचन सिंह राजपूत लगातार उनके पिता को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान आरक्षक ने 25 हजार रुपये लेकर उनके बुजुर्ग पिता से जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए और डेढ़ लाख रुपये लौटाने का दबाव बनाया। इसी तनाव में अजब सिंह ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। पहले उनका इलाज जिला अस्पताल में हुआ, बाद में निजी अस्पताल और फिर इंदौर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार अजब सिंह ने करीब 18 वर्ष पहले अपनी जमीन मुकेश विश्नोई को बेच दी थी। इसके बावजूद कुछ लोगों ने 25 साल पुराने स्टांप के आधार पर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। घटना की सूचना मिलते ही हरदा विधायक डॉ. आरके दोगने, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन सांईं सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए। वहीं एडिशनल एसपी अमित कुमार मिश्रा, एसडीओपी शालिनी परसते और एसडीएम अशोक डेहरिया देर रात तक परिजनों को समझाने में जुटे रहे, लेकिन परिजन प्रधान आरक्षक के निलंबन और 25 हजार रुपये वापस दिलाने की मांग पर अड़े रहे। रात 11 बजे तक प्रदर्शन जारी रहा।
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