आज खंडवा में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन देखने को मिला। किसानों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय गांधी भवन से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश किया और बैरिकेड्स पर चढ़कर जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसी अपने साथ खाली बारदाना भी लेकर पहुंचे थे।
प्रदर्शनकारियों ने गेहूं खरीदी में देरी, किसानों की आर्थिक परेशानी और सरकारी व्यवस्थाओं के खिलाफ आक्रोश जताया। यह आंदोलन पहले से घोषित प्रदेश स्तरीय आंदोलन का हिस्सा था, जिसका ऐलान कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने खंडवा से किया था। प्रदर्शन के चलते कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी में हालात नियंत्रित कर लिए गए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी कई मांगें भी रखीं। उन्होंने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी तत्काल शुरू करने और मंडियों में फसल बेच चुके किसानों को भावांतर का लाभ देने की मांग की। साथ ही किसानों पर बढ़ते कर्ज को देखते हुए ऋण वसूली की अंतिम तिथि बढ़ाने की बात कही।
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इसके अलावा बिजली बिलों में राहत, कथित जबरन वसूली पर रोक, खरीदी केंद्रों पर बारदान, छाया और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा भुगतान समय पर करने की मांग भी उठाई गई।
कांग्रेस ने जावर उद्वहन सिंचाई योजना में कथित भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराने और छूटे गांवों को जोड़ने की मांग की। वहीं हरसूद क्षेत्र की मोरन गंजाल योजना और पंधाना क्षेत्र की झिरनिया लिफ्ट एरिगेशन योजना में छूटे गांवों को शामिल करने की बात भी कही गई।
प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान पराली जलाने के मामलों में किसानों पर दर्ज केस वापस लेने और एलपीजी गैस सिलेंडर की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी रखी।