देश भर में भगवान गणेश की अगवानी के साथ ही त्यौहारी सीजन की शुरुआत हो रही है, और जल्द ही जहां एक ओर जगह-जगह बप्पा विराजे जाएंगे, तो वहीं ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार भी आने वाला है। ऐसे में पूरे देश में चल समारोह और जुलूस निकाले जाएंगे। इन चल समारोहों में अक्सर डीजे की धुन पर झूमते नाचते युवाओं को भी देखा जाता रहा है। हालांकि अब ध्वनि प्रदूषण होने के नाम पर इस पर नकेल कसने की तैयारी की जा रही है, और इसको लेकर जगह-जगह डीजे संचालकों की बैठक लेकर पुलिस एवं प्रशासन के द्वारा जहां एक ओर उनको समझाइश दी जा रही है, तो वहीं कड़ी कार्रवाई का डर दिखाकर त्योहारों पर निकलने वाले जुलूस या चल समारोह में डीजे के उपयोग को प्रतिबंधित करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि अब देखना यह होगा कि यह कितना कारगर होता है, और देश में जुलूस और चल समारोह की परंपरा बन चुके डीजे साउंड सिस्टम को प्रशासन बंद करा पता है भी या नहीं। लेकिन डीजे संचालकों के द्वारा इसका विरोध तो शुरू हो ही गया है ।
इधर शुक्रवार को भी मध्यप्रदेश के बुराहनपुर नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुलिस प्रशासन द्वारा जिले स्तर पर पुलिस कंट्रोल रूम बुरहानपुर में और ग्रामीण क्षेत्रों के पुलिस चौकी और थानों में सभी जगह डीजे साउंड सिस्टम संचालकों की मीटिंग ली गई है। जहां नगर के पुलिस कंट्रोल रूम में बुलवाई गयी मीटिंग में जिले के एएसपी और एडीएम के साथ ही एसडीएम द्वारा ली गई मीटिंग में शहर के कोतवाली, शिकारपुरा, गणपतिनाका, और लालबाग थाना प्रभारी सहित तहसीलदार भी मौजूद रहे। इस दौरान शहर के करीबन 50 साउंड सिस्टम संचालकों को त्योहारों के इन चल समारोहों में डीजे सिस्टम न बजाने एवं उससे जुड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं डीजे साउंड सिस्टम के भारी भरकम और बड़े बड़े स्पीकर, टॉप और बेस की जगह पर आगामी गणेश उत्सव में सिर्फ एक लोडिंग ऑटो में रखकर के दो स्पीकर बॉक्स को भी, निर्धारित डेसिबल तक ही परमिशन ले कर के बजाने की हिदायत दी गई है।
त्यौहारी सीजन को लेकर डीजे संचालकों की ली गई बैठक- फोटो : credit