मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में इन दिनों भीषण गर्मी का कहर जारी है। तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच चुका है। प्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में भी अधिक गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दोपहर के समय जब सूरज सीधे सिर पर होता है तो धरती भी आग उगलती नजर आती है। हालांकि, यहां ज्योतिर्लिंग भगवान के विराजमान होने और मां नर्मदा की पुण्य धारा बहने के चलते, भगवान भोले और मां नर्मदा की परिक्रमा करने वाले परिक्रमावासी नंगे पैर ही तीर्थनगरी में प्रवेश करते हैं। ऐसे में तपती जमीन के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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ऐसे में नंगे पैर ज्योतिर्लिंग श्री भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करने के लिए पहुंचने वाले भक्तों को गर्मी से राहत देने के लिए झूला पुल के साथ ही पुराने पैदल पुल पर भी रेड कारपेट बिछवा दिया गया है। खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसडीएम शिवम प्रजापति के निर्देश पर ओंकारेश्वर मंदिर संस्थान की ओर से ऐसा किया गया है। इससे तीर्थनगरी में दूर-दराज से आने वाले भक्तों को राहत मिल रही है।
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बता दें कि ओंकारेश्वर पहुंचने वाले अधिकतर भक्त आवागमन के लिए यहां के दोनों पुलों का उपयोग करते हैं। समाजसेवी अर्पण दुबे ने ओंकारेश्वर आने वाले तीर्थयात्रियों को भीषण गर्मी में होने वाली समस्याओं से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया था। जिसके बाद कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसडीएम शिवम प्रजापति की ओर से मंदिर संस्थान को निर्देश दिए गए थे।