देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस, 5 सितंबर, देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया। इसी अवसर पर मध्यप्रदेश के खरगोन नगर में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नगर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम भास्कर गाचले और सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग प्रशांत आर्य ने की। कार्यक्रम में शिक्षकों को शाल, श्रीफल, और पुष्पमालाओं से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सहायक संचालक शिक्षा विभाग सोनालिका अचाले, सहायक संचालक आदिम जाति कल्याण विभाग अवध बिहारी गुप्ता, और योजना अधिकारी चंदर सिंह मंडलोई भी मौजूद थे। जिला स्तरीय कार्यक्रम में आयोजित शिक्षक संगोष्ठी में पुरुष वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले डॉ. रजनीश पांडे (माध्यमिक शिक्षक, शासकीय उत्कृष्ट उमावि बड़वाह) और महिला वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली वर्षा भटोरे (उच्च श्रेणी शिक्षिका, शासकीय देवी अहिल्या उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक एक खरगोन) को सम्मानित किया गया। इसके अलावा, पुरुष वर्ग में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले हिम्मत सिंह सिटोले (माध्यमिक शिक्षक, शासकीय हाई स्कूल बर्दिया) को भी शाल, श्रीफल, और पुष्पमाला से सम्मानित किया गया।
100% परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्यों का सम्मान
2023-24 की हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं में 100% परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्यों को विशेष सम्मान दिया गया। प्राचार्य अमित कुमार यादव (शासकीय मॉडल स्कूल धूलकोट), सुरेंद्र सिंह पवार (शासकीय उमावि अहिरखेड़ा), रामचंद्र गोयल (शासकीय हाई स्कूल गुजर बावड़ी), ओमप्रकाश वर्मा (शासकीय हाई स्कूल रायसागर) और अन्य प्राचार्यों को शाल, श्रीफल और पुष्पमालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया।
शिक्षकों के कंधों पर नागरिक निर्माण का दायित्व
एसडीएम भास्कर गाचले ने शिक्षक की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक ही वह शख्सियत है जो बच्चों को कुशल नागरिक बनाता है। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि विद्यालय के 100% परिणाम आपके कड़ी मेहनत का प्रमाण हैं। सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य ने भी शिक्षकों की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षकों के प्रयासों से ही पीढ़ियां शिक्षित हो रही हैं। कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी महेश कुमार निषोद (झिरनिया) और स्त्रोत समन्वयक राजाराम कादोडे (कसरावद) को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

शिक्षक दिवस पर किया गया जिले भर के शिक्षकों का सम्मान।