खंडवा जिले के गुड़ी वनपरिक्षेत्र में शनिवार को वन विभाग और अतिक्रमणकारियों के बीच हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। अमाखुजरी जंगल में अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों को वन विभाग की टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। जब वन अमला आरोपियों को वाहन में बैठाकर गुड़ी रेंज कार्यालय ले जा रहा था, तब रास्ते में महिलाओं ने फिल्मी अंदाज में वाहन के सामने लेटकर उन्हें छुड़ाने की कोशिश की।
जानकारी के अनुसार, सामान्य वन मंडल खंडवा के गुड़ी वनपरिक्षेत्र की टीम को सूचना मिली थी कि अमाखुजरी जंगल में कुछ लोग अतिक्रमण कर अवैध कटाई और निर्माण कार्य कर रहे हैं। सूचना मिलते ही रेंजर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वहां कई लोगों को अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया। वन अमले ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया और शासकीय वाहन से गुड़ी रेंज कार्यालय के लिए रवाना हो गए।
बताया जा रहा है कि टीम जैसे ही जंगल से निकलकर मुख्य मार्ग पर पहुंची, अतिक्रमणकारियों के परिवार की महिलाएं और अन्य ग्रामीण वहां पहुंच गए। महिलाओं ने वाहन रोकने के लिए सड़क पर लेटकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने पकड़े गए लोगों को छोड़ने की मांग करते हुए वन अधिकारियों से तीखी बहस भी की। करीब 20 मिनट तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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हालांकि वन विभाग की टीम दबाव में नहीं आई। अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए महिलाओं को समझाइश दी और कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी। काफी मशक्कत के बाद महिलाओं को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद टीम सभी आरोपियों को लेकर सीधे गुड़ी रेंज कार्यालय पहुंची।
रेंजर नरेंद्र पटेल ने बताया कि पकड़े गए सभी लोगों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि वे कब से जंगल में अवैध कब्जा और गतिविधियां चला रहे थे। मौके से जब्त सामान की भी जांच की जा रही है।
डीएफओ राकेश डामोर ने कहा, “जंगल बचाना हमारी प्राथमिकता है। किसी भी सूरत में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।