{"_id":"6a1162ac7f6134e3a20aae1e","slug":"video-120-people-stage-15-hour-sit-in-after-locking-substation-89-villages-plunged-into-darkness-2026-05-23","type":"video","status":"publish","title_hn":"उपकेंद्र पर ताला बंद कर 15 घंटे तक धरने पर बैठे रहे 120 लोग, 89 गांवों में अंधेरा; VIDEO","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपकेंद्र पर ताला बंद कर 15 घंटे तक धरने पर बैठे रहे 120 लोग, 89 गांवों में अंधेरा; VIDEO
भीषण उमस, अघोषित बिजली कटौती और रातभर अंधेरे से परेशान बबुरी क्षेत्र के लोगों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। बृहस्पतिवार को दिनभर भीषण उमस के बाद रात 10 बजे जैसे ही पूरे इलाके की बिजली गुल हुई, पहले से आक्रोशित बबुरी, दुदे, लेवा, जरखोर, दिधवट, गौरी, दवक समेत 20 गांवों के 120 से ज्यादा लोग बबुरी विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए और मुख्य गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गए। “बिजली दो या गद्दी छोड़ो” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। धरना शुक्रवार दोपहर लगभग दो बजे तक चला। मामला शुक्रवार की दोपहर 2 बजे तब शांत हुआ जब अधीक्षण अभियंता जसवीर सिंह ने मौके पर पहुंचकर लिखित आश्वासन दिया।
बबुरी उपकेंद्र जिले के महत्वपूर्ण पावर हाउसों में गिना जाता है। यहां से संचालित छह फीडरों के जरिए 89 गांवों को बिजली आपूर्ति होती है। इन गांवों की आबादी लगभग एक लाख से अधिक बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक महीने से रात 10 बजे के बाद नियमित रूप से छह से सात घंटे बिजली काटी जा रही है। दिन में लो वोल्टेज और रात में अंधाधुंध कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। धान रोपाई के पीक सीजन में ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। पेयजल संकट गहराने लगा है। छात्र पढ़ाई नहीं कर पा रहे, जबकि उमस भरी गर्मी में बुजुर्ग और मरीज बेहाल हैं। कई गांवों के लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते रहे, जिससे नाराज होकर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। आधी रात को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और अधिशासी अभियंता से फोन पर बात कर समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने ऊपर से लोड शेडिंग के आदेश होने की बात कही। सुबह 10:30 बजे एसडीओ अमर सिंह पटेल धरनास्थल पर पहुंचे। कहा कि ऊपर से ही कटौती के निर्देश हैं और मांग ज्यादा होने के कारण लोकल स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता।
इस पर ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीण नेता श्रीप्रकाश, पप्पू सेठ व अन्य ने कहा कि हर बार यही बहाना बनाया जाता है। जब अपोलो फैक्ट्री को पूरी रात बिजली मिल रही है तो हमें क्यों नहीं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।