मंडला जिले के बीजाडांडी थाना क्षेत्र में जबलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर उदयपुर गांव के पास एक ट्रॉला सड़क पर आड़ा खड़ा होने से करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। ट्रॉला के दोनों लेन में खड़े होने के कारण हाईवे के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में मरीज को लेकर जा रही एक एंबुलेंस भी फंस गई।
चालकों ने लगाए गंभीर आरोप
जानकारी के मुताबिक, ट्रॉला में भारी मशीनरी लदी हुई थी। ट्रक ड्राइवरों का आरोप है कि आरटीओ कर्मचारियों की अवैध वसूली और मारपीट से परेशान होकर विरोध किया। इसी दौरान एक ट्रॉला चालक ने पेट्रोल पंप के पास वाहन को सड़क पर आड़ा खड़ा कर दिया। इसके बाद कुछ अन्य ट्रक चालक भी मौके पर पहुंच गए और हाईवे पर यातायात रुक गया। चालकों का आरोप है कि आरटीओ कर्मियों द्वारा वाहन चालकों से अवैध वसूली की जाती है और विरोध करने पर मारपीट की जाती है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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पुलिस ने विवाद से किया इनकार
वहीं, बीजाडांडी थाना प्रभारी अनिता कुडापे ने आरटीओ कर्मचारियों के साथ किसी विवाद से इनकार किया है। पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि एक ट्रॉला चालक नशे की हालत में वाहन को सड़क पर लहराते हुए चला रहा था। पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही चालक ने ट्रॉला सड़क पर आड़ा खड़ा कर दिया, जिससे जाम की स्थिति बनी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रॉला को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल कराया। करीब दो घंटे बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी। पुलिस ने ट्रॉला चालक का मेडिकल परीक्षण भी कराया है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, घटना को लेकर ट्रक चालकों के आरोप और पुलिस के बयान अलग-अलग हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।