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Chambal has the highest number of gharials in the world; 70 young gharial cubs hatch from eggs.
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MP News: दुनिया में सबसे ज्यादा घड़ियाल मुरैना के चंबल अभयारण्य में, 70 अंडों से नन्हे शावकों ने लिया जन्म
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरैना Published by: मुरैना ब्यूरो Updated Sun, 24 May 2026 04:43 PM IST
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चंबल अभयारण्य के देवरी घड़ियाल हैचरी केंद्र पर रखे गए 200 अंडों में से 70 अंडों से घड़ियालों के नन्हे शावकों ने जन्म लिया है। हालांकि, इन अंडों से शावक अनुमानित समय से पहले ही बाहर आ गए हैं। उन्हें इसी महीने संकलित कर अभयारण्य में लाया गया था। वन विभाग के अनुसार, फिलहाल सभी 70 शावक पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही बाकी बचे अन्य अंडों से भी शावकों के जन्म लेने की उम्मीद है।
चंबल अभयारण्य देवरी घड़ियाल सेंचुरी के हैचिंग सेंटर में प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी वन विभाग द्वारा अंडे संकलित किए गए थे। वन विभाग की टीम ने चंबल नदी के बरौली घाट और बाबू सिंह का घेर घाट से 100-100 कुल 200 अंडे संकलित कर हैचिंग 'अंडों को कृत्रिम रूप से गर्मी देकर बच्चों को बाहर निकालने की प्राकृतिक प्रक्रिया' के लिए देवरी के हैचरी केंद्र में सुरक्षित रखे थे। सुबह और देर रात इनमें से कुल 70 अंडों से घड़ियाल के शावकों ने सफलतापूर्वक जन्म लिया।
हर साल संकलित करते हैं अंडे
घड़ियाल एवं जलीय जीव विशेषज्ञ और वनपाल ज्योति दंडोतिया ने बताया कि शासन के नियमों के अनुसार संरक्षण के लिए हर साल 200 अंडे संकलित किए जाते हैं। बरौली घाट से लाए गए अंडों से समय से पहले ही हैचिंग हो गई और शाम तक कुल 70 नन्हे शावकों ने जन्म ले लिया। उन्होंने बताया कि बरौली घाट चंबल नदी के ऊपरी तरफ अपस्ट्रीम में स्थित है, इसलिए हमेशा इसी घाट के अंडों से बच्चे सबसे पहले बाहर आते हैं।
नदी जैसा तापमान रखा
विशेषज्ञों के अनुसार चंबल नदी के घाटों से अंडों को संकलित करते समय उस स्थान का प्राकृतिक तापमान मापा जाता है। इसके बाद, अंडों को देवरी केंद्र पर बनी कृत्रिम हैचरी में बिल्कुल उसी तापमान पर रखा जाता है, ताकि उन्हें नदी जैसा ही प्राकृतिक माहौल मिल सके। आमतौर पर अंडों के सुरक्षित विकास के लिए हैचरी का तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच नियंत्रित किया जाता है।
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