मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सख्ती को देख बिहार पुलिस भले ही एनकाउंटर मोड में है और इससे माहौल बनता दिख रहा है, लेकिन अब एक ऐसा वीडियो सामने आया है जो उसकी साख पर सवाल उठा रहा है। बिहार में बिहार पुलिस की तलाशी ली गई है। वह भी घोषित और चर्चित अपराधियों के गढ़ में। जनता दल यूनाईटेड के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के जानी दुश्मनों ने बिहार पुलिस की तलाशी लेकर उसे बड़ी चुनौती दी है।
कुख्यात सोनू-मोनू के द्वारा सरपंच पति पर फायरिंग के बाद घटना की जांच को पहुंची पुलिस की तलाशी ली गई। गैंगस्टर सोनू-मोनू के गुर्गों ने पहले पुलिस की तलाशी ली, फिर अंदर जाने दिया। अमूमन पहले पुलिस अपराधियों के घर या फिर अपराधियों की तलाशी लेती है, लेकिन यहां मामला उलटा दिखा। अब इस पूरे मामले का वीडियो सामने आया है। खास बात यह भी कि पुलिस की तलाशी लेते हुए इसका वीडियो भी उसके गुर्गों ने ही बनाया था। जितने पुलिसकर्मियों की तलाशी ली गई, उतने ही खाकीधारियों को अंदर जाने की अनुमति मिली। गैंगस्टर के गुर्गे सभी तरफ रिकॉर्डिंग कर रहे थे। वह बोलते सुने जा रहे थे कि जितने लोगों की तलाशी ली गई है, उतने ही लोग अंदर आएं। सबसे पहले हाथीदह थाना अध्यक्ष रंजन कुमार की तलाशी ली गई। पंचमहला थानाध्यक्ष कुंदन कुमार का भी वीडियो बनाते हुए वीडियो है।
फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि पूरा मामला एक फेसबुक पोस्ट को लेकर शुरू हुआ। सरपंच पति मुकेश सिंह ने पुलिस की प्रशंसा करते हुए फेसबुक पर एक पोस्ट किया था। इसी पोस्ट को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बन गई।
पंचायत के दौरान बढ़ा तनाव
जानकारी के अनुसार, मुकेश सिंह गांव में पंचायत करने जा रहे थे। इसी दौरान सोनू-मोनू के पिता प्रमोद सिंह ने उन्हें पोस्ट डिलीट करने के लिए कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
फोन कर बुलाए गए आरोपी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद प्रमोद सिंह ने अपने बेटों सोनू और मोनू को फोन कर मौके पर बुलाया। आरोप है कि इसके बाद दोनों अपने गुर्गों के साथ पहुंचे और मुकेश सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
तीन राउंड फायरिंग का दावा
ग्रामीणों ने बताया कि मौके पर करीब तीन राउंड फायरिंग हुई। गोलीबारी से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि मुकेश सिंह इस हमले में बाल-बाल बच गए।