महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया गया। मध्यप्रदेश के सागर में भी भगवान शिव-पार्वती के विवाह का महापर्व भव्यता से आयोजित हुआ। शहर के प्राचीन और नवीन शिवालयों को फूलों और रोशनी से सजाया गया। बुधवार सुबह से ही मंदिरों में भगवान शिव के दर्शन और अभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भूतेश्वर महादेव, कांच मंदिर, मारकंडेश्वर मंदिर, सदर, चंपा बाग, चकराघाट, और धनेश्वर मंदिर समेत 10 स्थानों से भगवान भोलेनाथ की बारात धूमधाम से निकली।
चंपा बाग से निकली भव्य शाही बारात
शहर की सबसे आकर्षक और भव्य बारात चंपा बाग से शुरू हुई, जिसे जय महाकाल हिंदू संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। 111 सदस्यों का डमरू दल आकर्षक प्रस्तुतियां दे रहा था, जिससे भक्तिभाव का माहौल बन गया। बारात के आगे बैंड-बाजों और डीजे की धुन पर शिवभक्त झूमते हुए चल रहे थे। बारात चंपा बाग से सराफा बाजार, कोतवाली, तीनबत्ती होते हुए कटरा बाजार पहुंची। कटरा बाजार में आकर्षक आतिशबाजी के साथ बारात का भव्य स्वागत किया गया।
भव्य स्वागत और बम-बम भोले के जयकारे
बारात के स्वागत के लिए जगह-जगह टेंट लगाए गए थे। मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर भगवान शिव की आराधना कर रहे थे। चारों तरफ 'बम-बम भोले' के जयकारों से माहौल गूंज उठा। बारात में शामिल श्रद्धालुओं ने शिव तांडव और भक्ति गीतों पर नृत्य किया।
प्रशासन ने की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
भव्य बारात के आयोजन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। बारात मार्ग में हर चौराहे पर पुलिस बल तैनात था। भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्थित रखने के लिए मार्गों को डाइवर्ट किया गया था। तीनबत्ती पर बारात को देखने के लिए शहरवासियों की भारी भीड़ उमड़ी।
भक्ति और आस्था का अनोखा संगम
महाशिवरात्रि पर निकली इस भव्य शाही बारात ने सागर शहर में भक्ति और आस्था का अनोखा संगम प्रस्तुत किया। भगवान भोलेनाथ की आराधना और उत्सव में शामिल होकर श्रद्धालुओं ने महाशिवरात्रि पर्व को यादगार बना दिया।