सीधी जिले के ग्राम झोखरवार में चार महीने पहले हुई मारपीट के मामले में घायल अशोक केवट की इलाज के दौरान जबलपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने शनिवार को शव को सेमरिया के बीच सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और आरोपियों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
चार महीने पुरानी घटना, इलाज के दौरान मौत
मृतक के पिता मुन्नू लाल केवट ने बताया कि चार महीने पहले अशोक का तीन लोगों से पैसों को लेकर विवाद हुआ था। आरोपियों ने अशोक को जबरन घर से बाहर ले जाकर पीटा और मरणासन्न अवस्था में छोड़ दिया। सिर पर गंभीर चोटें आने के कारण उसे जिला अस्पताल, सीधी ले जाया गया था। वहां से स्थिति बिगड़ने पर उसे रीवा के संजय गांधी अस्पताल और बाद में जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। अशोक ने इलाज के दौरान शुक्रवार को दम तोड़ दिया।
एफआईआर में देरी का आरोप
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने कई बार पुलिस से कार्रवाई की मांग की। लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। पिता का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
वहीं, चौकी प्रभारी डी.डी. सिंह ने बताया कि घटना का मामला तीन सितंबर को ही दर्ज किया गया था। अब अशोक की मौत के बाद धाराओं को संशोधित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया और चक्का जाम खत्म करने की अपील की।
भारी पुलिस बल तैनात
चक्का जाम की सूचना मिलने पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत करने का प्रयास किया और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। जबकि मृतक के परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पुलिस की लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। वहीं, पुलिस ने कहा कि मामले में उचित धाराएं जोड़ी जाएंगी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।