टीकमगढ़ जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने अर्धरात्रि में टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और नाइट ड्यूटी पर तैनात स्टाफ से सुरक्षा संबंधी चर्चा की।
टीकमगढ़ के कलेक्टर अवधेश शर्मा, पुलिस अधीक्षक रोहित, एडीएम पीसी चौहान और नगर निरीक्षक सहित प्रशासनिक अमला अपने चेहरे पर मास्क लगाकर रात 11:00 बजे टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय पहुंचा। जैसे ही प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल के अंदर पहुंचे, हड़कंप मच गया। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, और प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्डों में जाकर सुरक्षा इंतजाम देखे। इसके साथ ही, रात्रि में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर, नर्स, और स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ से चर्चा की और सुरक्षा को लेकर नाइट ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर के साथ अपर कलेक्टर चौहान, एसडीएम संजय दुबे, और सिविल सर्जन डॉक्टर अमित शुक्ला भी उपस्थित थे। जैसे ही कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के आने की सूचना मिली, अर्धरात्रि में दौड़ते हुए जिला अस्पताल के सिविल सर्जन अमित शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर अवधेश शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा निर्देशित किया गया है कि अर्धरात्रि में जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया जाए ताकि नाइट ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों में यह विश्वास बना रहे कि प्रशासन उनके साथ खड़ा है और कोई गलत कार्य न हो सके। उन्होंने कहा कि लगभग 1 घंटे के निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्थाओं को देखा और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर, नर्स, स्टाफ, और स्वास्थ्य विभाग के निचले स्तर के कर्मचारियों से भी बात की और सुरक्षा की समीक्षा की।
टीकमगढ़ के कलेक्टर अवधेश शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में रात 11:00 बजे वह अपने स्टाफ और पुलिस अधीक्षक के साथ टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय पहुंचे। सभी अधिकारियों ने मास्क लगाए हुए थे, जिससे लोग पहचान में भी मुश्किल महसूस कर रहे थे। मरीजों को लगा कि इतनी रात में कौन से अधिकारी आ गए हैं जो जांच कर रहे हैं। कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षक रोहित ने वार्डों का निरीक्षण किया और मरीजों से भी चर्चा की। इसके साथ ही, उन्होंने पुलिस स्टाफ के साथ डॉक्टर से सुरक्षा को लेकर बात की। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार के नियमानुसार यह औचक निरीक्षण किया गया है और टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, स्टाफ, और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में यह विश्वास जताना है कि उनके साथ पूरा जिला प्रशासन खड़ा है और वे रात्रि में ड्यूटी करते समय पूर्णतः सुरक्षित हैं।