हे विघ्नहर्ता हमको अच्छी बुद्धि देना, विद्या देना, मैं मम्मी-पापा दादा-दादी और नाना-नानी सहित सभी बड़ों की बात मानूंगा। मैं जिद नहीं करूंगा, मैं मोबाइल पर गेम नहीं खेलूंगा, बड़ों की बात सुनूंगा...कुछ ऐसा ही संकल्प इन दोनों उज्जैन से 6 किलोमीटर दूर स्थित श्री चिंतामन गणेश मंदिर परिसर में स्थित विघ्नहर्ता गणेश मंदिर के दरबार में सुनाई दे रहा है। यहां बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं, जोकि पूजन अर्चन के साथ बच्चों को मोबाइल छुड़वाने का संकल्प दिलवा रहे हैं।
विघ्नहर्ता गणेश मंदिर के पुजारी पं ईश्वर शर्मा ने बताया कि वर्तमान में अभिभावक सबसे अधिक इस बात से परेशान है कि उनके बच्चे बुरी तरह मोबाइल की जड़ में है कोई इसके बिना खाना नहीं खाता तो कोई मोबाइल छुड़ाने पर चिड़चिड़ा हो जाता है बच्चों की इस जिद के आगे माता-पिता ही नहीं परिवार के अन्य सदस्यों को भी झुकना पड़ता है बच्चों की मोबाइल देखने की आदत अब अभिभावकों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है जिसको लेकर अभी भाव कौन है मेरे पास आकर कई बार शिकायत की थी। फिर मेने बच्चों को मंदिर बुलाकर मोबाइल छोड़ने का संकल्प दिलाना शुरू किया अब स्थितियां कुछ ऐसी है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और बच्चों को मोबाइल छुड़वाने का संकल्प देते हैं। सबसे अधिक छुट्टी के दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और बच्चों को संकल्प दिलवाने के साथ ही पूजन अर्चन भी करवाते हैं। पूजन अर्चन के बाद मूषक के कानो में अच्छे से पढ़ाई की बात कहते है।
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यहां स्थित है यह मंदिर
शहर से 6 किलोमीटर दूर चिंतामण गणेश मंदिर की मान्यता है कि त्रेता युग में 14 वर्ष के वनवास के दौरान भगवान राम, लक्ष्मण और सीता ने उज्जैन के शिप्रा नदी किनारे राम घाट पर दशरथ जी का पिंडदान किया और उसके बाद दक्षिण दिशा में चलते हुए मंदिर के पास आकर वटवृक्ष के नीचे आराम कर ही रहे थे कि सीता मैया को पूजन करने का मन किया इस दौरान वटवृक्ष के पास भगवान चिंतामन, इच्छामन और सिद्धिविनायक की मूर्ति देख उन्होंने प्रथम पूजन इस मंदिर में किया था। हालांकि इस दौरान जलाभिषेक करने के लिए जब उन्हें जल नहीं मिला तो लक्ष्मण जी अपने बाण से मंदिर के सामने ही बाणगंगा के रूप में जल को पाताल से जमीन पर ले आए थे तभी से यहां पर बावड़ी का नाम बाणगंगा और लक्ष्मण बावड़ी रखा गया था। इसी बावड़ी के पास विराजित है विघ्नहर्ता गणेश मंदिर।
मनोचिकित्सक बोले- यह अच्छा प्रयास
मनोचिकित्सक डॉ. पराग ढोबले ने बताया कि मोबाइल संबंधी लत को लेकर अभिभावक काफी परेशान हैं। किसी मामले को धार्मिकता से जोड़कर बच्चों को मोबाइल से दूर रखना अच्छा प्रयास है।