छतरपुर में जंगली सुअरों के शिकार के लिए बिछाए गए बिजली के तार के जाल और उसमें फैले करंट की चपेट में आने से एक 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक अपने घर में इकलौता बेटा था। घटना और मामले की जानकारी लगने पर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं, इलाके में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है।
घटना खजुराहो थाना अंतर्गत ग्राम के खर्रोही की है। जहां का 18 वर्षीय अखिलेश पाल पिता नत्थू पाल (निवासी खर्रोही) पिछले दो दिन से लापता था। परिवार वाले उसकी लगातार तलाश कर रहे थे। इसी खोजबीन के दौरान वह मृत अवस्था में मिला है। युवक की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।
जानवरों के शिकार में बेटा हुआ शिकार
वहीं, परिजनों का आरोप है कि लोगों ने जंगली सुअर का शिकार करने के उद्देश्य बिजली के तारों का जाल बिछाया था, जिसकी चपेट में हमारा बेटा आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। शिकारियों ने जानवर का शिकार करने जाल बिछाया और उसमें हमारा बेटा शिकार हो गया, शिकारियों के जाल में फंस गया। परिजनों की माने तो वह उनके घर का इकलौता चिराग था।
पुलिस जांच में जुटी
घटना और मामले की जानकारी लगाने पर खजुराहो थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना और मामले की जांच में जुट गई है। वहीं, मृतक का पंचानामा बनाकर उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए राजनगर अस्पताल भेजा है।
गौरतलब है कि अक्सर शिकार करने के लिए शिकारी इस तरह के बिजली के तार बिछाते हैं, जिसकी चपेट में कई बार आम आदमी आ जाता है और इस तरह अपनी जान गंवा बैठता है। वहीं लोगों के आरोप हैं कि क्या वन विभाग के अधिकारियों की कोई जिम्मेदारी नहीं होती कि ऐसे मामले में नकेल कसी जाए। क्या इस तरह के मामलों को वन विभाग के जिम्मेदारों का संरक्षण प्राप्त है, जिससे इस तरह की घटनाएं आम हो चली हैं। हालांकि, देखना यह होगा कि इस घटना के बाद वन विभाग के कान में जूं रेंगती है और चेतता है और कोई कार्रवाई करता है। या फिर यूं ही जस का तस बना रहता है।