Hindi News
›
Video
›
Punjab
›
Chandigarh-Punjab News
›
26 arrested so far in high-tech cheating racket linked to pharmacy recruitment exam; search for 4 conspirators underway
{"_id":"6a5e252a5749e32136003339","slug":"video-26-arrested-so-far-in-high-tech-cheating-racket-linked-to-pharmacy-recruitment-exam-search-for-4-conspirators-underway-2026-07-20","type":"video","status":"publish","title_hn":"फार्मेसी भर्ती परीक्षा के हाईटेक नकल रैकेट में अब तक 26 गिरफ्तार, 4 साजिशकर्ताओं की तलाश जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फार्मेसी भर्ती परीक्षा के हाईटेक नकल रैकेट में अब तक 26 गिरफ्तार, 4 साजिशकर्ताओं की तलाश जारी
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा स्वास्थ्य विभाग में 454 फार्मेसी अफसरों की भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में हाईटेक नकल मामले में पुलिस ने अब तक 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में 6 मुख्य साजिशकर्ता और 20 परीक्षार्थी शामिल हैं। वहीं हरियाणा के भिवानी निवासी साजन समेत चार अन्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
सोमवार को फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि फरीदकोट व फिरोजपुर रेंज पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय नकल रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें एक थाना साइबर क्राइम फरीदकोट तथा दो फिरोजपुर के थाना कैंट और थाना कुलगढ़ी में दर्ज हुई हैं।
गिरफ्तार किए गए 26 आरोपियों में से 22 को फरीदकोट पुलिस और 4 को फिरोजपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह एक सुनियोजित नेटवर्क था, जिसमें परीक्षा केंद्र से पेन कैमरे के जरिए प्रश्नपत्र स्कैन कर हरियाणा के भिवानी निवासी साजन को भेजा गया। वहां से हल किए गए प्रश्न फरीदकोट के सोसायटी नगर स्थित एक अस्थायी कंट्रोल रूम तक पहुंचे, जहां से राजस्थान के मनजीत सिंह और दीपक ने ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से परीक्षार्थियों तक उत्तर पहुंचाए। अधिकांश आरोपियों से ब्लूटूथ डिवाइस भी बरामद किए गए हैं। आईजी नीलांबरी जगदले ने कहा कि अब तक की जांच में प्रश्नपत्र लीक होने या परीक्षा केंद्र के किसी कर्मचारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। मामले की गहन जांच जारी है और इस रैकेट में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।इससे पहले बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार अरविंद कुमार ने भी स्पष्ट किया था कि पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि हाईटेक तरीके से नकल कराने की कोशिश की गई थी। मामले की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी गई है और सरकार के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।