अजमेर में आरटीडीसी की होटल खादिम का नाम बदलने पर अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज अजमेर में आरटीडीसी की होटल खादिम का नाम बदलकर अजयमेरू रख दिया, अजमेर ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह से मशहूर है और हम उसके खादिम हैं। वंशानुगत तौर पर 800 साल पुरानी हमारी विरासत है।
उन्होंने कहा- कहीं इलाहाबाद का नाम बदला जा रहा है, कहीं मुगल सराय का, कहीं सराय काले खां के तो कभी औरंगाबाद के, भाजपा हिस्ट्री को री राइट करने के कोशिश कर रही है, लेकिन ये रबड़ से तो मिटेगी नहीं। सरवर चिश्ती ने तीखे शब्दों में कहा कि ताज महल, लाल किला, कुतुब मीनार को भी गिरा दो। लाल किला जहां से प्राइम मिनिस्टर तकरीर करते हैं, सुप्रीम कोर्ट, प्रेसिडेंट हाउस, पार्लियामेंट, हाईकोर्ट, केंटोनमेंट, ऑफिसर्स बंगलो, ये सब ब्रिटिशयन के दिए हुए हैं, गुलामी के प्रतीक हैं इन्हें भी हटा दो।
चिश्ती ने कहा कि दुनिया में हिस्ट्री, कल्चर, हैरिटेज को प्रिजर्व किया जाता है, आप इसे मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि बीते दिनों राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के निर्देश पर अजमेर स्थित आरटीडीसी की होटल खादिम का नाम बदलकर अजयमेरू कर दिया गया है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
उधर होटल खादिम का नाम बदले जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर अपनी खुशी का इजहार किया। बजरंग मंडल महामंत्री रचित कच्छावा ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा अजमेर के कल्याण के लिए लगातार प्रयास किया जा रहे हैं, उसी क्रम में देवनानी ने पर्यटन विभाग एवं राजस्थान टूरिज्म डवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड को निर्देश दिए थे कि अजमेर में कलेक्ट्रेट के सामने स्थित होटल खादिम का नाम बदला जाए और इसे अजयमेरू किया जाए।
उन्होंने कहा कि अजयमेरू नाम अजमेरवासियों को एक गौरव की अनुभूति कराता है, यही कारण है कि प्राचीन इतिहास में शहर का नाम अजयमेरू लिखा गया है। यह होटल अजमेर आने वाले सैलानी, अधिकारी-कर्मचारी व आमजन के ठहरने की प्रसिद्ध जगह है। इसका नाम भी अजमेर की प्राचीन संस्कृति, पहचान, इतिहास एवं सामाजिकता से जुड़ा होना चाहिए।