Rajasthan News: छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर शुक्रवार को बाड़मेर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने राजकीय पीजी महाविद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
परीक्षा देने पहुंचे छात्रों को रोकने पर आमने-सामने हुई पुलिस-एबीवीपी
विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और एबीवीपी कार्यकर्ता उस समय आमने-सामने हो गए, जब परीक्षा देने कॉलेज पहुंचे विद्यार्थियों को हो रही देरी को देखते हुए पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हटाकर छात्रों को कॉलेज में प्रवेश दिलाया। इस दौरान पुलिस और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। हालांकि, बाद में पुलिस और प्रशासन ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं से समझाइश कर मामला शांत कराया। कॉलेज प्राचार्य डॉ. मृणाली चौहान ने भी प्रदर्शन कर रहे छात्रों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।
उच्च शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
इसके बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा के नाम कॉलेज प्राचार्य को छात्रसंघ चुनाव बहाल करने समेत विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में एबीवीपी के विभाग संयोजक कर्णपाल सिंह, जिला संयोजक दीपू चौहान, प्रांत सहमंत्री विजय शर्मा, नगर मंत्री महिपाल सिंह राठौड़, सुनीता जांगिड़ और प्रशांत खींची समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
‘चार साल से नहीं हो रहे छात्रसंघ चुनाव’
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जोधपुर प्रांत के सहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि पिछले चार साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे हैं। एबीवीपी ने शुक्रवार को पीजी कॉलेज में प्रदर्शन कर छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है।
‘छात्रसंघ चुनाव राजनीति की पहली सीढ़ी’
विजय शर्मा ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव राजनीति की पहली सीढ़ी हैं। इनके जरिए युवा स्थापित होते हैं और नेतृत्व करने का अवसर प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनावों को लेकर सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़नी चाहिए। उनका कहना है कि छात्रसंघ चुनाव से नकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही जाती है, जबकि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में राजनीतिक दल तमाम सीमाओं को पार करते हुए साम, दाम, दंड और भेद का इस्तेमाल करते हैं।
‘कांग्रेस और भाजपा दोनों के कार्यकाल में चुनाव पर रोक’
एबीवीपी नगर मंत्री महिपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि पिछले चार साल से छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगी हुई है। इस दौरान राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा दोनों की सरकारें रही हैं, लेकिन किसी ने छात्रसंघ चुनाव पर लगी रोक नहीं हटाई। उन्होंने कहा कि चुनाव बहाली की मांग को लेकर एबीवीपी ने प्रदर्शन कर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन दिया है।
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पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप
महिपाल सिंह राठौड़ ने आरोप लगाया कि एबीवीपी कार्यकर्ता कॉलेज में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन कॉलेज प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल करने की मांग दोहराई।