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संसद में साधु वेश पर अंबेडकरनगर में हिंदू आक्रोशित, मिलिंद परांडे बोले- राम मंदिर पर राजनीति बंद करे विपक्ष
अंबेडकरनगर में कटेहरी के देव इंद्रावती कॉलेज में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अवध प्रांत के दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। रविवार को इसका समापन हो गया। इस अवसर पर मीडिया से वार्ता करते हुए केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने संसद परिसर में साधु वेश धारण कर किए गए विरोध प्रदर्शन और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि साधु-संतों के वेश का राजनीतिक प्रदर्शन में इस्तेमाल करना हिंदू संत परंपरा का अपमान है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने का प्रयास स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद परिसर में पप्पू यादव, समाजवादी पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं तथा कांग्रेस के नेता राहुल गांधी सहित अन्य लोगों ने साधु वेश धारण कर जिस प्रकार का प्रदर्शन किया, उससे संत समाज की गरिमा को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में देशभर में विश्व हिंदू परिषद और संत समाज की ओर से विभिन्न स्थानों पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर परांडे ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल पूरे ट्रस्ट और संत समाज पर बेबुनियाद आरोप लगाकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चोरी ट्रस्ट के कर्मचारियों ने नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों ने की थी। ट्रस्ट के आग्रह पर ही एसआईटी का गठन हुआ और उसी ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने वाले चंपत राय, अनिल मिश्र और गोपाल जी पूरी तरह निष्कलंक हैं तथा विश्व हिंदू परिषद को उन पर पूरा विश्वास है। मंदिर की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिदिन लगभग एक लाख श्रद्धालु बिना किसी विशेष शुल्क के व्यवस्थित ढंग से श्रीरामलला के दर्शन कर रहे हैं, जो देश के बड़े मंदिरों में एक आदर्श व्यवस्था है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और हिंदू आस्था से जुड़े विषयों पर राजनीतिक लाभ के लिए दुष्प्रचार करने वालों को जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
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