{"_id":"697b36e011d55f293207d46a","slug":"video-na-lkha-ka-pakaja-chhaugdha-gava-sa-shanpr-kaya-kama-40-hajara-ka-kapana-paca-sal-ma-25-lkha-ka-bna-2026-01-29","type":"video","status":"publish","title_hn":"नौ लाख का पैकेज छोड़... गांव से शुरू किया काम, 40 हजार की कंपनी पांच साल में 25 लाख की बनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौ लाख का पैकेज छोड़... गांव से शुरू किया काम, 40 हजार की कंपनी पांच साल में 25 लाख की बनी
नौ लाख रुपये सालाना पैकेज की असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी छोड़कर गांव में स्वरोजगार का संकल्प लेना आसान नहीं होता, लेकिन अमेठी में सरैया दुबान निवासी विनीत तिवारी ने यह कर दिखाया। वर्ष 2020 में महज 40 हजार रुपये से शुरू किया गया उनका प्रयास आज 25 लाख रुपये की कंपनी में तब्दील हो चुका है। बिना केमिकल के साबुन, शैंपू सहित कई स्वदेशी उत्पाद बनाकर वह नित नई ऊंचाईयों को छू रहे हैं।
युवा उद्यमी डॉ. विनीत ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी (फिजिक्स ऑनर्स) और एमएससी (नैनो साइंस) की है। जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी नोएडा से उन्होंने मैटेरियल साइंस में पीएचडी की है। डॉ. विनीत ने राजस्थान की वनस्थली विद्यापीठ में दो वर्षों तक असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। वर्ष 2020 में नौकरी छोड़कर गांव लौटने और खुद का रोजगार शुरू करने का निर्णय लिया। विनीत तिवारी ने तय किया कि सभी उत्पाद स्थानीय कच्चे माल से तैयार किए जाएंगे और इस कार्य में गांव के ही लोगों को रोजगार दिया जाएगा। वर्तमान में उनके साथ 25 से 30 ग्रामीण नियमित रूप से जुड़े हुए हैं। वह बिना केमिकल के जैविक उत्पादों की श्रृंखला तैयार कर रहे है।
वर्तमान में महुआ के तेल से बना सेलूलूस आधारित कपड़े धोने का साबुन, नीम के तेल से बना नहाने का साबुन व शैंपू, ठंडी विधि से नीम की पत्तियों का फेसवॉश, चारकोल से बर्तन धोने का पाउडर, चारकोल व नीम युक्त दांतों का पाउडर, एसिड मुक्त नेचुरल वाशिंग पाउडर और गोबर-कपूर से बनी धूपबत्ती का निर्माण किया जा रहा है। विनीत युवाओं को प्रशिक्षण देकर छोटे-छोटे उत्पादन केंद्र शुरू करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
बीते सितंबर माह में ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उन्होंने अपने उत्पादों के साथ प्रतिभाग किया, जहां लगभग एक लाख रुपये की बिक्री हुई। इसके बाद उन्होंने अयोध्या में आयोजित यूपी रीजनल ट्रेड फेयर में भी भाग लिया, जिससे उनके उत्पादों के बाजार का दायरा और बढ़ा।
सेलूलूस निर्माण की तकनीकी ट्रेनिंग उन्होंने केएनएसीपीआई जयपुर और केबीआईसी दिल्ली से प्राप्त की है। वर्तमान में वे दो कंपनियों के माध्यम से अपने उत्पादों का निर्माण और विपणन कर रहे हैं।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।