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VIDEO: नेपाल भंसार के ₹100 नियम से सीमावर्ती बाजार प्रभावित, खरीदार घटे, व्यापारियों में बढ़ा असंतोष
नेपालगंज स्थित नेपाली कस्टम (भंसार) द्वारा लागू ₹100 नेपाली (करीब ₹62.50 भारतीय मुद्रा) तक ही सामान ले जाने की सीमा का असर अब सीमावर्ती बाजारों पर साफ नजर आने लगा है। सख्ती के चलते रुपईडीहा बाजार में नेपाली ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है, जिससे व्यापार प्रभावित हुआ है और स्थानीय व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है।
व्यापार मंडलों की प्रतिक्रिया
अनिल अग्रवाल (अध्यक्ष, उ.प्र. उद्योग व्यापार मंडल)
नेपाल सरकार का यह नियम अब समय के अनुरूप नहीं रह गया है। महंगाई को देखते हुए ₹100 की सीमा बेहद कम है। इसे बढ़ाकर कम से कम ₹10,000 किया जाना चाहिए, ताकि व्यापार सामान्य हो सके।
बलराम मिश्रा (कोषाध्यक्ष, उ.प्र. उद्योग व्यापार मंडल, रुपईडीहा)
इस सीमा के कारण सीमावर्ती बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। ग्राहकों की कमी से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। नियम में संशोधन बेहद जरूरी है।
शैलेश जायसवाल (अध्यक्ष, उ.प्र. उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल)
नेपाल का यह नियम वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। इससे सीमावर्ती व्यापार कमजोर हो रहा है और स्थानीय बाजारों पर सीधा असर पड़ रहा है।
विवेक शुक्ला (सलाहकार, उ.प्र. उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल)
यह नियम पुराने समय का है और अब अप्रासंगिक हो चुका है। व्यापार को सुचारु बनाए रखने के लिए इसमें जल्द ढील दी जानी चाहिए।
इस नियम से सामाजिक संबंधों पर भी असर देखने को मिल रहा है,व्यापारियों का कहना है कि भारत और नेपाल के बीच रोटी-बेटी का संबंध बेहद पुराना और मजबूत रहा है। ऐसे में इस तरह की सख्ती न केवल व्यापार बल्कि सामाजिक और पारंपरिक रिश्तों को भी प्रभावित कर रही है।
व्यापार मंडलों ने एक स्वर में मांग की है कि ₹100 की सीमा को बढ़ाकर कम से कम ₹10,000 किया जाए, ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को राहत मिल सके। विदेश से आने वाले एयरलाइंस में लोग लाखों रुपए का सामान बिना कोई कस्टम शुल्क दिए लाते हैं जिस पर कोई रोक-टोक नहीं है, फिर यह नियम सीमा पर ही क्यों है, विचारणीय विषय है, दोनों देशों के जनप्रतिनिधियों अधिकारियों को चाहिए की समस्या को संज्ञान में लेते हुए उचित निदान करें।
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