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ढाई मीटर की तीन सरिया खोलेगी आरओबी निर्माण में खामियों के राज, VIDEO
बनौली खुर्द में निर्माणाधीन रेलवे उपरिगामी पुल का स्लैब गिरने के मामले का राज ढाई मीटर की 3 सरिया खोलेगी। शुक्रवार को सेतु निगम के प्रबंध निदेशक के नेतृत्व में इंजीनियरों की टीम ने स्लैब के अवशेष को सैंपल के रूप में एकत्र किया। यही नहीं टीम ने दो घंटे तक निर्माणाधीन पुल का बारिकी से निरीक्षण किया और खामियां ढूंढी। इस दौरान कई खामी मिली। सबसे बड़ी खामी यह थी कि स्लैब के नीचे लगी आधार पाइप ठीक से नहीं लगी थी। इसी तरह अन्य खामियां मिली।
ईस्टर्न डीएफसीसी (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) पर बनौली खुर्द के समीप रेलवे फाटक संख्या 78 सी पर 16 करोड़ से रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। अक्टूबर 2023 में ओवरब्रिज का कार्य शुरू कराया गया था और मार्च 2026 में इसे पूरा करना है। इसमें डीएफसीसी अपने हिस्से का पुल का निर्माण करा चुकी है। ईपीसी मोड पर कॉन्ट्रेक्टर मेसर्स श्रेष्ठाभिषेक बिल्डकॉन प्रा० लि० रामपुर काम करा रही है। 18 मार्च की रात लगभग 11 बजे बनौली खुर्द की तरफ एबटमेंट ए-2 तथा पियर पी-6 के मध्य डेक स्लैब के कंक्रीट के दौरान हाइड्रा का बूम स्टेजिंग से टकरा गया। इससे स्टेजिंग सहित निर्माणाधीन स्लैब का एक भाग क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। क्षेत्रीय लोगों ने इसमें भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इस मामले में शासन की ओर से कांट्रेक्टर के खिलाफ प्राथमिकी जर्द कराई गई। वहीं अवर अभियंता सिविल को निलंबित कर दिया गया। वहीं सहायक अभियंता एवं परियोजना प्रबंधक चंदौली के विरुद्ध विभागीय कार्यवाई शुरू की गई। जांच के लिए तीन सदस्यी टीम गठित किया गया। इसी मामले में शुक्रवार की दोपहर में लगभग 12 बजे सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक मिथिलेश कुमार, लोक निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर सुरेंद्र कुमार, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता प्रवीण कुमार सहित अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दो घंटे तक पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान ढाई मीटर के 3 सरिया के साथ सीमेंट, गिट्टी, बालू आदि को सेंपल के रूप में एकत्र कर साथ ले गई। अधिकारियों ने बताया कि लैब में जांच कर गुणवत्ता की परख की जाएगी। गिरे हुए स्लैब में लगी सरिया, गिट्टी , बालू के सेंपल को एकत्र किया। यही नहीं गिरे स्लैब के नीचे लगे पाइप की मोटाई, लंबाई और चौड़ाई की जांच की। जांच के दूसरे स्लैब को संभालने के लिए लगी पाइप आधार के पास से हटी हुई मिली। इस पर टीम ने नाराजगी जताई। जांच के दौरान पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राजेश कुमार, सिंचाई विभाग के एक्सईएन हरेंद्र सिंह शामिल थे। इसके अलावा सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक के साथ लखनऊ से सेतु निगम के मुख्य प्रोजेक्ट मैनेजर (डिजाइन) फरहान बासित शामिल रहे।
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