{"_id":"6a7c0fc434536c00bf09bff2","slug":"video-the-road-is-empty-for-the-pilgrims-and-the-common-man-is-in-trouble-2026-08-12","type":"video","status":"publish","title_hn":"VIDEO: कांवड़ यात्रा के डायवर्जन से जनता बेहाल....बसें बंद, ऑटो पर रोक; मुसीबत झेल रहे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
VIDEO: कांवड़ यात्रा के डायवर्जन से जनता बेहाल....बसें बंद, ऑटो पर रोक; मुसीबत झेल रहे ग्रामीण
आवागढ़। कांवड़ यात्रा के नाम पर लागू किए गए यातायात डायवर्जन से एटा-टूंडला मार्ग पर आम जनमानस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार से मंगलवार दोपहर तक रोडवेज बसों का संचालन बंद रहा। मुख्य मार्ग पर ऑटो और अन्य थ्री व्हीलर वाहनों के आवागमन पर भी रोक के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। मजबूरी में ग्रामीण रास्तों से लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचने के लिए लोगों को दो से चार गुना तक किराया देना पड़ा।
भीषण गर्मी में सड़क किनारे बसों और वाहनों का इंतजार करते छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग व्यवस्था की बेबसी की तस्वीर दिखाते नजर आए। यात्रियों का कहना है कि कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए यातायात डायवर्जन जरूरी है, लेकिन क्या आम जनता की सुरक्षा और सुविधा की कीमत पर ही यह व्यवस्था संभव है?
एटा से टूंडला के बीच रोडवेज बसों का संचालन बंद होने के बाद यात्रियों के सामने सबसे बड़ी समस्या आवागमन की रही। टूंडला से एटा या आवागढ़ आने वाले लोगों को सीधे वाहन नहीं मिले। ऑटो चालक पुलिस कार्रवाई के डर से मुख्य मार्ग पर जाने से बचते रहे। कई वाहन ग्रामीण रास्तों से लंबा चक्कर लगाकर यात्रियों को लेकर पहुंचे।
इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ा। सामान्य किराये में होने वाली यात्रा के लिए कई लोगों को मजबूरी में कई गुना अधिक रकम खर्च करनी पड़ी। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हुई जिन्हें रोजमर्रा के काम से एटा, टूंडला या बीच के कस्बों तक जाना था।
यात्रियों का सवाल है कि कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए जब मुख्य मार्ग पर व्यापक डायवर्जन लागू किया जा सकता है, तो आम यात्रियों के लिए पहले से पर्याप्त वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था क्यों नहीं बनाई गई?
दूसरी ओर सड़क पर कई जगह कांवड़ यात्रियों के वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों के बैठने, तेज गति से चलने और यातायात नियमों की अनदेखी की शिकायतें सामने आती हैं। नाबालिगों के वाहन चलाने और तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
जब आम यात्री के ऑटो पर रोक है तो क्या कांवड़ियों के वाहनों पर भी वही यातायात नियम लागू नहीं होने चाहिए? यही सवाल अब जनता प्रशासन से पूछ रही है।
कांवड़ यात्रा का पारंपरिक स्वरूप संयम और श्रद्धा से जुड़ा रहा है। बुजुर्ग श्रद्धालु कंधे पर कांवड़ रखकर शांतिपूर्वक यात्रा करते थे। अब डाक कांवड़ में तेज रफ्तार से दौड़ते वाहनों और श्रद्धालुओं के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।
एक ओर सड़क पर आम यात्री को मुख्य मार्ग पर चलने में परेशानी हो रही है, वहीं दूसरी ओर तेज गति से निकलते कांवड़ जत्थों के बीच पैदल यात्रियों और दूसरे वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
कांवड़ जत्थों के साथ निकलने वाले भारी-भरकम डीजे भी परेशानी का कारण बन रहे हैं। अत्यधिक तेज आवाज से बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार लोगों को परेशानी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यात्रियों का कहना है कि धार्मिक आयोजन में आस्था और उत्साह अपनी जगह है, लेकिन किसी दूसरे व्यक्ति की परेशानी की कीमत पर उत्सव नहीं होना चाहिए।
कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित रहे, यह प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन इसी के साथ एटा-टूंडला मार्ग से रोज गुजरने वाले हजारों आम यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
प्रशासन को बताना होगा कि पांच दिनों तक रोडवेज बसों का संचालन बंद रखने से पहले आम यात्रियों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी? ऑटो चालकों को मुख्य मार्ग पर चलने की अनुमति क्यों नहीं दी गई? और यदि डायवर्जन जरूरी था तो आम जनता के लिए पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन क्यों उपलब्ध नहीं कराया गया?
आस्था की राह में व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें कांवड़िया भी सुरक्षित रहें और आम आदमी भी परेशान न हो। सुरक्षा के नाम पर जनता को सड़क पर घंटों खड़ा रखना किसी भी व्यवस्था की सफलता नहीं कही जा सकती।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।