अतुल माहेश्वरी उपरिगामी सेतु की नाम पट्टिका के अनावरण कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि अमर उजाला के कार्यक्रमों से प्रेरणा लेकर ही सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ में अमर उजाला का अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति समारोह हुआ था, मैं भी उसमें अतिथि था। अमर उजाला की तरफ से यूपी बोर्ड 10वीं, 12वीं में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को बुलाकर पुरस्कृत किया गया था। मैंने तभी सोचा कि अगर अमर उजाला ऐसा कार्य कर रहा है तो फिर सरकार की तरफ से हम ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं।
मेरठ: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित दिग्गज नेताओं ने की अतुल माहेश्वरी की जमकर तारीफ, देखें कार्यक्रम की खास तस्वीरें
शहीदों के नाम पर भी शुरू की योजना
मौर्य ने कहा कि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों और ड्यूटी के दौरान बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मान देने के लिए उनके नाम पर जय हिंद वीर पथ नाम से सड़क-द्वार बनाने का कार्य शुरू किया। पर्यावरण की दृष्टि से चौथा कार्य इसमें जोड़ा। सड़कों के चौड़ीकरण के लिए जो वृक्ष कटवाए जाते हैं, उनके स्थान पर हमने औषधीय पौधे लगाकर हर्बल मार्ग बनाया। 300 में से 175 खंडों में हर्बल मार्ग बनवाने का कार्य किया है।
कचरे का कर रहे निस्तारण
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में प्लास्टिक का कचरा बहुत निकलता है। नई तकनीक से कचरे का कैसे निस्तारण किया जाए, इसको लेकर हम कार्य कर रहे हैं, हम प्लास्टिक से मार्ग बना रहे हैं। समाज में सामर्थ्य रखने वाले बहुत लोग हैं। जैसे अमर उजाला शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। अनाथ बच्चों की शिक्षा दीक्षा के साथ हर तरह से उनके साथ खड़ा हो रहा है। अमर उजाला का अभिनव अभियान मां तुझे प्रणाम आज मेरठ के साथ पूरे प्रदेश तक पहुंच गया है। उन्होंने अमर उजाला के एमडी राजुल माहेश्वरी से अमर उजाला फाउंडेशन के कार्यों की एक पुस्तिका अतुल माहेश्वरी जी की स्मृति में निकालने के लिए कहा, जिससे समाज के दूसरे लोग भी समाजसेवा के लिए आगे आएं।
सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता के प्रबल समर्थक थे अतुल जी : राजुल माहेश्वरी
अमर उजाला के प्रबंध निदेशक राजुल माहेश्वरी ने कहा कि अमर उजाला के नवोन्मेषक श्री अतुल माहेश्वरी जी के लिये पत्रकारिता एक मिशन की तरह थी। उन्होंने पत्रकारिता को नव चिंतन व नव दिशा प्रदान की। बेहद संवेदनशीलता के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता करने के अतुल जी प्रबल समर्थक थे। पश्चिमी यूपी से उनका विशेष लगाव था और देश में कई स्थानों से अमर उजाला का प्रकाशन होने के बावजूद वे ज्यादा समय मेरठ में ही बिताते थे। स्वतंत्रता दिवस एक उत्सव की तरह मनाया जाए, इसके लिए उन्होंने क्रांतिधरा मेरठ से मां तुझे प्रणाम कार्यक्रम की नींव रखी। इस कार्यक्रम की लोकप्रियता इतनी अधिक हो गई है कि अब यूपी के लगभग सभी प्रमुख शहरों में हर साल इसका आयोजन होता है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में पत्रकारिता के छात्र उनकी मूल्यों पर आधारित पत्रकारिता और विचारधारा का अध्ययन नए पाठ्यक्रम में करेंगे। उनके नाम पर राज्य के कई विश्वविद्यालय पत्रकारिता के छात्रों को हर वर्ष स्वर्ण पदक से अलंकृत करते हैं। अमर उजाला फाउंडेशन भी मेधावी छात्रों का हर साल सम्मान करने के साथ जरूरतमंद छात्रों को अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति प्रदान करता है जिसके अंतर्गत हर वर्ष 15 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है।
सेतु के नामकरण में सभी की भागीदारी : तन्मय
अमर उजाला के निदेशक तन्मय माहेश्वरी ने सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला की शुरुआत देश की आजादी के बाद मेरे दादा जी श्री मुरारी लाल माहेश्वरी व उनके मित्र श्री डोरी लाल अग्रवाल द्वारा ने थी। तब से ही पत्रकारिता के ऊंचे मापदंडों के साथ ये सफर जारी है। इस विरासत को विस्तार देने की जिम्मेदारी मेरे पिता स्वर्गीय श्री अतुल माहेश्वरी जी ने उठाई। नवोन्मेषक के रूप में संस्थान को आठ राज्यों के 18 संस्करणों तक तेवर बनाए रखते हुए नए कलेवर के साथ पहुंचाया। उन्होंने कहा, आज भी जब संस्थान के साथी या उनसे जुड़े कोई व्यक्ति उन्हें याद करते हैं तो मानवता को समर्पित एक नेकदिल इंसान के साथ ही पत्रकारिता व अखबारी दुनिया के प्रति उनके बड़े योगदान को अवश्य याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इस सेतु के नामकरण के रूप में मिले सम्मान में संस्थान के सभी साथियों की भागीदारी है। उन्होंने सेतु के नामकरण के लिए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का आभार जताया।