केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में रविवार को वाराणसी के गुरुधाम स्थित प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय जा रहे किसानों को पुलिस ने बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के समीप रोक दिया। पुलिस का कहना था कि सिर्फ पांच किसानों को जाने की अनुमति दी जाएगी।
वहीं किसान अड़े थे कि वह जुलूस की शक्ल में ही संसदीय कार्यालय तक जाएंगे। घंटों हुज्जत के बाद भी बात नहीं बनी तो 150 किसानों को गिरफ्तार कर तीन बसों में पुलिस लाइन भेजा गया। इस दौरान तकरीबन दो घंटे तक लंका से भगवानपुर होते हुए डाफी मार्ग और सामने घाट मार्ग पर आवागमन बाधित रहा।
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धरने पर बैठे किसान
- फोटो : अमर उजाला
सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आरएस पटेल के नेतृत्व में पूर्वांचल के कई जिलों के किसान चंदौली से रामनगर होते हुए डाफी पहुंचे। डाफी से सभी पैदल ही जुलूस निकाल कर गुरुधाम स्थित प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय की ओर बढ़े।
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धरने पर बैठे किसान
- फोटो : अमर उजाला
रास्ते में सभी नारे लगा रहे थे कि नए कृषि कानून पूंजीपतियों के लाभ के लिए बनाए गए हैं, सरकार इन्हें वापस लें। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के समीप भगवानपुर मोड़ पर सात थानों की पुलिस और पीएसी के साथ बैरिकेडिंग कर तैनात एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने किसानों को रोक दिया।
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मौके पर मौजूद पुलिस के आला अधिकारी
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पुलिस का कहना था कि पांच किसानों के प्रतिनिधिमंडल को जाने दिया जाएगा, लेकिन किसान मानने को तैयार नहीं थे। एसएसपी अमित पाठक मौके पर पहुंचे तो 150 किसानों को गिरफ्तार कर तीन बसाें से पुलिस लाइन भिजवाया गया।
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तैनात सुरक्षा बल
- फोटो : अमर उजाला
वहीं अन्य को वापस लौटा दिया गया। वहीं, जुलूस में सरदार सेना के राष्ट्रीय सचिव सुधीर, डॉ. जगदीश्वर सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और पूर्वांचल के कई जिलों के किसान मौजूद थे।