Research: फ्यूल सेल बनाने में एएमयू को मिली सफलता, हाइड्रोजन कार में हो सकेगा इस्तेमाल
फ्यूल सेल ऐसी तकनीक है, जिससे बिना प्रदूषण के बिजली बनाई जा सकती है। दुनिया भर में इसे स्वच्छ ऊर्जा के रूप में तेजी से अपनाया जा रहा है। एएमयू ने फ्यूल सेल (ईंधन कक्ष) बनाया है।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के वैज्ञानिकों ने फ्यूल सेल (ईंधन कक्ष) तकनीक को अधिक प्रभावी, सस्ती और टिकाऊ बनाने की दिशा में सफलता हासिल की है। यह हल्का और जंगरोधी होगा, साथ ही हाईड्रोजन कार में भी इस इस्तेमाल हो सकेगा। इसका पेटेंट भी करा लिया गया है।
यूनिवर्सिटी के पेट्रोलियम स्टडीज विभाग के वैज्ञानिकों ने पांच साल तक थर्मोसेट आधारित कंपोजिट बाइपोलर प्लेट और रिड्यूस्ड ग्राफीन ऑक्साइड (आरजीओ) के निर्माण के नए तरीकों पर काम किया। इसमें फ्यूल सेल की कार्यक्षमता बढ़ने की संभावनाएं सामने आई हैं। यह फ्यूल सेल हाइड्रोजन कार में इस्तेमाल होगा। अब तक इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में हो रहा था।
यूनिवर्सिटी के पेट्रोलियम स्टडीज विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सैयद जावेद अहमद रिजवी के निर्देशन में सालाह मोहम्मद सैफ अल मुफ्ती ने अध्ययन किया। उन्होंने ग्राफीन और कार्बन आधारित फिलर्स के उपयोग पर भी अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि थोड़ी मात्रा में ग्राफीन मिलाने से बाइपोलर प्लेट की विद्युत चालकता, मजबूती और तापीय गुण बेहतर हो जाते हैं।
अध्ययन में मफल फर्नेस की मदद से सिंगल और डबल थर्मल रिडक्शन प्रक्रिया के जरिये एक्सपेंडेट ग्रेफाइट तैयार किया गया। डबल थर्मल रिडक्शन तकनीक से बने आरजीओ की विद्युत चालकता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।
इस प्रोजेक्ट का पेटेंट हो चुका है। अब व्यावसायिक की तैयारी शुरू हो चुकी है। कंपनियों से बात की जा रही है। हाइड्रोजन कार में फ्यूल सेल का इस्तेमाल होगा, जो आने वाले समय में बाजार में आने वाली है। -डॉ. सैयद जावेद अहमद रिजवी, एसोसिएट प्रोफेसर, एएमयू
पॉलिमर और कार्बन फाइबर का होगा इस्तेमाल
अब तक इस्सेमाल की जा रही प्लेट को बनाने में भारी और महंगी ग्रेफाइट या अन्य धातुओं का इस्तेमाल हो रहा था। वैज्ञानिकों ने नई फ्यूल सेल तकनीक से पॉलिमर (प्लास्टिक जैसी सामग्री) और कार्बन फाइबर को मिलाकर नई तरह की प्लेट बनाई है, जो हल्की होने के साथ किफायती भी है।
उर्जा के क्षेत्र में खुलेंगे नए रास्ते
फ्यूल सेल ऐसी तकनीक है, जिससे बिना प्रदूषण के बिजली बनाई जा सकती है। दुनिया भर में इसे स्वच्छ ऊर्जा के रूप में तेजी से अपनाया जा रहा है। मिश्रण से तैयार कंपोजिट बाइपोलर प्लेट में बेहतर विद्युत चालकता, कम घनत्व और कम जल अवशोषण जैसे गुण पाए गए। यह तकनीक भविष्य में स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा उत्पादन के लिए फ्यूल सेल तकनीक को मजबूत आधार दे सकती है।