IPL: 250 से फंटरों को सट्टा खिलवाने वाला बुकी फिर पकड़ा, नकदी व लाखों के जेवर बरामद, खोले कई राज
क्रिकेट के सट्टे में संलिप्त विपिन दिसंबर माह में भी भारत-दक्षिण अफ्रीका के मैच पर सट्टा लगवाते अपने ही घर से पकड़ा गया था। उस समय भी पुलिस ने उस पर रिपोर्ट दर्ज की थी। मगर उस समय रात में कुछ सियासी लोगों की सिफारिश थाने तक पहुंची थी। बाद में उसे जमानत मिली थी।
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आईपीएल के दौरान सट्टेबाजी पर निगरानी कर रही पुलिस ने गूलर रोड निवासी बुकी विपिन वार्ष्णेय को दोबारा गिरफ्तार किया। उसके पास से 250 से ज्यादा फंटरों (ग्राहकों) को सट्टा खिलवाने के साक्ष्य, 1.74 लाख रुपये नकदी और करीब 20 लाख रुपये के जेवर बरामद हुए हैं।
तलाशी में डायरी व पर्चियों और मोबाइल से सट्टे के लेनेदेन के सबूत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक वह एप के जरिए 250 से ज्यादा लोगों को कमीशन पर सट्टा खिलवा रहा था। कई फंटरों ने रुपये के बदले जेवर गिरवी रखे थे। पूछताछ में सामने आया कि एक महीने में करीब 50 लाख रुपयेके दांव लगवाए जा रहे थे। मामले में एक अन्य आरोपी काका की तलाश जारी है।
सीओ प्रथम मयंक पाठक के बताया कि आरोपी पहले भी सट्टेबाजी में पकड़ा जा चुका है। इस बार भी केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे अंतरिम जमानत मिल गई। हालांकि पुलिस ने इस धंधे में लिप्त लोगों की निगरानी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, तलाशी के दौरान लोहा पत्ती कारोबारी विपिन वार्ष्णेय के घर कई फंटरों के नाम पता चले हैं। फोन की जांच की तो उसमें यूपीआईडी गूगल पे पर छह सौ से लेकर 10 हजार रुपये तक के कई ट्रांजेक्शन मिले।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में विपिन ने एप के जरिये 250 से ज्यादा लोगों को चार फीसदी कमीशन पर ऑनलाइन सट्टा खिलवाना कबूल किया है। उसके फोन में कई एप्लीकेशन मिली हैं, जिन्हें वह अलग-अलग आईडी-पासवर्ड से चला रहा था। उसने यह भी बताया कि यह आईडी उसे गोंडा बसौली के काका नाम के व्यक्ति ने मुहैया कराई थीं। उसी के मोबाइल से वह रुपयों का लेनदेन कर रहा था। पुलिस ने गिरफ्तार विपिन व फरार काका पर रिपोर्ट दर्ज की है।
चार माह पहले भी पकड़ा था विपिन, तब भी मिली थी जमानत
क्रिकेट के सट्टे में संलिप्त विपिन दिसंबर माह में भी भारत-दक्षिण अफ्रीका के मैच पर सट्टा लगवाते अपने ही घर से पकड़ा गया था। उस समय भी पुलिस ने उस पर रिपोर्ट दर्ज की थी। मगर उस समय रात में कुछ सियासी लोगों की सिफारिश थाने तक पहुंची थी। बाद में उसे जमानत मिली थी।
एक माह में 50 लाख के दाव
अब तक की जांच व पूछताछ में उजागर हुआ है कि विपिन हमेशा क्रिकेट पर सट्टा लगवाता रहता है। अब आईपीएल में उसका धंधा पीक पर होता है। वर्तमान में इस एक माह में उसके द्वारा 50 लाख करीब रकम के दाव लगवाने का अनुमान है। उसके मोबाइल से मिली व्हॉट्सएप चैट्स के सहारे पुलिस अन्य जानकारियां जुटा रही है। जो क्रिकेट की भाषा में कुछ लिखा है। उसके विषय में जानकारी कर रही है।
अलीगढ़ में रोज दो से तीन करोड़ का सट्टा, ऐप से हाईटेक हुआ खेल
आईपीएल-2026 के साथ अलीगढ़ में सट्टा कारोबार भी हाईटेक हो गया है। पारंपरिक डिब्बे और फोन कॉल की जगह अब मोबाइल ऐप के जरिए सट्टा लगाया जा रहा है। हालात यह हैं कि सीजन की शुरुआत में ही शहर में रोजाना 2 से 3 करोड़ रुपये के दांव लगने का अनुमान है।
सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर सक्रिय बुकी अब सीधे मुंबई और दुबई से लिंक लेकर ऐप आधारित नेटवर्क चला रहे हैं। ग्राहकों का रजिस्ट्रेशन कर उन्हें आईडी दी जाती है, जिसके जरिए वे ऑनलाइन दांव लगाते हैं। जीत-हार और लेनदेन का पूरा हिसाब ऐप पर ही अपडेट होता रहता है। शहर में करीब दो दर्जन से अधिक बुकी सक्रिय बताए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस नेटवर्क में युवाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है, जो तेजी से कमाई के लालच में इसमें शामिल हो रहे हैं।
पुराने सिस्टम से ऐसे बदला खेल
पहले बुकी फोन कॉल और रजिस्टर के जरिए सट्टा संचालित करते थे, जिसमें पकड़े जाने का जोखिम ज्यादा था। अब ऐप आधारित सिस्टम ने इस धंधे को ज्यादा सुरक्षित और संगठित बना दिया है।
क्रिकेट सट्टा और ऑनलाइन गेमिंग पर एजेंसियों की नजर
वीपीएन के जरिए क्रिकेट सट्टा और ऑनलाइन गेमिंग चलाने वाले नेटवर्क पर अलीगढ़ में भी एजेंसियों ने नजर तेज कर दी है। गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में जासूसी और संदिग्ध लेनदेन के खुलासे के बाद स्थानीय स्तर पर जांच शुरू हुई है। पुलिस गाजियाबाद में 21 लोगों की गिरफ्तारी के बाद सामने आए इनपुट के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं अलीगढ़ में भी इस तरह का नेटवर्क सक्रिय तो नहीं। बताया गया है कि वीपीएन के जरिए गेमिंग के साथ संवेदनशील सूचनाएं साझा करने और रुपयों के लेनदेन का इस्तेमाल किया जा रहा था। एसएसपी नीरज जादौन ने कहा कि टीमें सतर्क हैं और जरूरत पड़ने पर एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जाएगा। आईपीएल के दौरान सट्टेबाजी पर नजर रखी जा रही है। अवैध गतिविधि मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।