Budget 2026: अस्पतालों में 872 से बढ़कर 1744 हो जाएगी बेड क्षमता, 18 पीएचसी में बढ़ेंगी सुविधाएं
हर जिले में एक आधुनिक इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर खोलने की घोषणा अलीगढ़ के लिए मील का पत्थर साबित होगी। वर्तमान में अलीगढ़ में एक 300 बेड का ट्रॉमा सेंटर निर्माणाधीन है, लेकिन बजट की नई घोषणा के बाद इसे वैश्विक मानकों के अनुरूप हाई-टेक उपकरणों से लैस किया जाएगा।
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केंद्रीय बजट 2026 अलीगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। बजट की सबसे बड़ी घोषणा जिला अस्पतालों में बेड क्षमता को दोगुना करने की है। अलीगढ़ के संदर्भ में देखें तो यहां के सभी सरकारी संस्थानों की बेड क्षमता 872 है। इसके बढ़कर 1744 होने की उम्मीद है।
यहां के मलखान सिंह जिला अस्पताल की वर्तमान क्षमता 232 बेड है, जो अब बढ़कर लगभग 464 हो जाएगी। इसी तरह पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, जिसमें वर्तमान में 50 बेड आईसीयू सहित 300 बेड हैं, उसकी क्षमता भी विस्तारित होगी। इसके अतिरिक्त, मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय 100 बेड एमसीएच विंग और अतरौली स्थित 100 बेड के अस्पताल की क्षमता भी अब दोगुनी होने जा रही है। शहर के 18 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मरीजों को रेफरल के चक्कर से मुक्ति मिलेगी।
बजट में जिला अस्पतालों के बेड दोगुना करने का निर्णय सराहनीय है। अलीगढ़ जैसे घनी आबादी वाले जिले में मरीजों का दबाव बहुत अधिक रहता है। बेड बढ़ने से मरीजों को फर्श पर लेटने या एक बेड पर दो मरीजों वाली स्थिति से निजात मिलेगी। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बहाल करेगा।- डॉ. जगवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मलखान सिंह जिला अस्पताल।
हर जिले में स्वतंत्र ट्रॉमा सेंटर की घोषणा एक दूरदर्शी कदम है। अलीगढ़ हाईवे से घिरा हुआ है, जहां अक्सर बड़े हादसे होते हैं। ट्रॉमा सेंटर के अपग्रेड होने से हम गंभीर रूप से घायल मरीजों को अलीगढ़ में ही लाइफ-सपोर्ट दे पाएंगे, जिससे मृत्यु दर में निश्चित रूप से कमी आएगी।- प्रो. मोहम्मद अकरम, विभागाध्यक्ष, रेडियोथेरेपी, एएमयू
आयुष सेक्टर को मजबूती और आयुष फार्मेसी के अपग्रेडेशन से पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा का संगम होगा। साथ ही, कैंसर की दवाओं पर ड्यूटी कम होने से उन परिवारों को नई जिंदगी मिलेगी जो इलाज के खर्च के कारण पीछे हट जाते थे। यह बजट अंत्योदय की भावना पर आधारित है।-डॉ. मोहम्मद साकिब, नेत्र रोग विशेषज्ञ, एएमयू
एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल संस्थानों का निर्माण और एक लाख प्रोफेशनल्स को सिस्टम से जोड़ना एक मास्टर स्ट्रोक है। अस्पतालों में सिर्फ डॉक्टर ही नहीं, बल्कि कुशल पैरामेडिकल स्टाफ की भी जरूरत होती है। नए प्रशिक्षण केंद्रों से युवाओं को रोजगार मिलेगा और मरीजों को बेहतर देखभाल।-डॉ. जमील अहमद, फार्माकोलॉजी, एएमयू
इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर से बचेगा गोल्डन आवर
हर जिले में एक आधुनिक इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर खोलने की घोषणा अलीगढ़ के लिए मील का पत्थर साबित होगी। वर्तमान में अलीगढ़ में एक 300 बेड का ट्रॉमा सेंटर निर्माणाधीन है, लेकिन बजट की नई घोषणा के बाद इसे वैश्विक मानकों के अनुरूप हाई-टेक उपकरणों से लैस किया जाएगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं या आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को गोल्डन ऑवर (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा) के भीतर त्वरित इलाज मिल सकेगा।
मानसिक स्वास्थ्य और कैंसर के इलाज पर विशेष ध्यान
बजट में मानसिक स्वास्थ्य के लिए जिला स्तर पर भी परामर्श केंद्रों के विस्तार की बात कही गई है। वहीं, कैंसर रोगियों के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म करने और सात अन्य गंभीर रोगों की दवाओं पर शुल्क छूट देने से मध्यम वर्ग को बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी।
