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Aligarh: ताऊ की मौत के चौथे दिन जमीन के लिए विधवा ताई की गोली मार ईंटों से कुचलकर हत्या, तीन भतीजों को उम्रकैद
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 31 Jan 2026 01:40 PM IST
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सार
ताऊ की मृत्यु के चौथे ही दिन तीनों सगे भाइयों ने ताई पर आठ बीघा जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाया। बात न मानने पर पहले गोली मारकर, फिर ईंटों से कुचलकर हत्या कर दी थी।
कोर्ट
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
अलीगढ़ में दादों के गांव अटा में सात वर्ष पहले विधवा निसंतान ताई राजश्री (55) की हत्या के दोषी तीन भतीजों (देवर के बेटे) को उम्रकैद से दंडित किया गया है। यह निर्णय एडीजे विशेष भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रथम विनय तिवारी की अदालत ने सुनाया है। खास बात है कि ताऊ की मृत्यु के चौथे ही दिन तीनों सगे भाइयों ने ताई पर आठ बीघा जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाया। बात न मानने पर पहले गोली मारकर, फिर ईंटों से कुचलकर हत्या कर दी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 22 अप्रैल 2019 की है। वादी एटा मिरहची के बुरहेनाबाद के महावीर सिंह ने दादों में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में कहा कि उसकी निसंतान बहन राजश्री के पति यानि बहनोई अजब सिंह का 19 अप्रैल को बीमारी के चलते देहांत हो गया था। वह और उसका जलेसर निवासी भांजा प्रदीप बहन के पास रुके हुए थे। घटना वाली सुबह महावीर व प्रदीप जंगल गए थे। तभी वापसी में उन्होंने देखा कि राजश्री के देवर मुरली सिंह के तीन बेटे फौजदार, ऋषिपाल व इंद्रपाल उसकी बहन राजश्री को धमका रहे थे। वह उस पर उसके हिस्से की आठ बीघा जमीन अपने नाम करने का दबाव बना रहे थे, जबकि बहन का कहना था कि जो उसकी सेवा करेगा, उसे जमीन देगी।
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इसी गुस्से में पहले राजश्री को ऋषिपाल ने गोली मारी। बाद में तीनों ने मिलकर ईंटों से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। जब वादी महावीर व प्रदीप बचाने आए तो उन्हें धमकाते हुए तीनों भाग गए। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच व अन्य कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को जेल भेजा। बाद में न्यायालय में चार्जशीट दायर की। न्यायालय में सत्र परीक्षण में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर तीनों को दोषी पाया गया। इसी आधार पर तीनों को उम्रकैद व 16500-16500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। ऋषिपाल पर शस्त्र अधिनियम में पांच हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड नियत किया है।
