वैशाली जिले के हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच-22 पर सराय थाना क्षेत्र के मंसूरपुर के पास फिल्मी स्टाइल में गाड़ी ओवरटेक कर स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने एक व्यक्ति का अपहरण कर लिया। हालांकि पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर तीन अपहरणकर्ताओं को भागलपुर से गिरफ्तार कर लिया।
बताया गया है कि करीब 1,20,000 रुपये के लेनदेन के विवाद में स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। अपहरण के दौरान युवक के साथ मारपीट भी की गई, जिससे वह घायल हो गया। बदमाश उसे हाजीपुर, पटना, मोकामा, बेगूसराय और बलिया होते हुए भागलपुर ले गए, जहां अपने घर में बंधक बनाकर रखा था। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर भागलपुर से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी अभिषेक कुमार हाजीपुर डीसीएलआर कार्यालय में संविदा पर क्लर्क के पद पर कार्यरत है, जबकि अपहृत युवक महुआ थाना क्षेत्र में कपड़ों का मॉल चलाता है।
वैशाली एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि 27 मार्च को मुजफ्फरपुर निवासी दिनेश ठाकुर ने अपने पुत्र सत्यम पाराशर के अपहरण की सूचना सराय थाना पुलिस को दी थी। इस संबंध में सराय थाना कांड संख्या 101/26 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें जिला आसूचना इकाई और सराय थानाध्यक्ष को शामिल किया गया।
गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर 24 घंटे के भीतर सत्यम पाराशर को सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही घटना में शामिल तीन आरोपी रवि कुमार चौधरी, अभिषेक कुमार उर्फ गोलू और आशीष कुमार को भागलपुर के सेवक नगर, ज्योति बिहार कॉलोनी, वार्ड नंबर 10, शिव मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 1.20 लाख रुपये की उधारी को लेकर विवाद था। पैसे नहीं मिलने पर उन्होंने फोन कर सत्यम को मिलने के लिए बुलाया और फिर उसका पीछा कर मंसूरपुर में गाड़ी ओवरटेक कर जबरन अगवा कर लिया।
पीड़ित के अनुसार, वह मुजफ्फरपुर के मनियारी थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर आलम गांव का रहने वाला है। दिसंबर महीने में उसने अभिषेक कुमार से 1.20 लाख रुपये उधार लिए थे। रुपए के लेनदेन को लेकर अभिषेक ने उसे हाजीपुर के रामआशीष चौक बुलाया था। बातचीत के बाद जब वह कार से लौट रहा था, तभी मंसूरपुर के पास स्कॉर्पियो और एक अन्य चारपहिया वाहन से ओवरटेक कर उसे मारपीट करते हुए जबरन अपने वाहन में बैठा लिया गया।
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इसके बाद उसे टोल प्लाजा से होते हुए हाजीपुर, पटना, मोकामा, बेगूसराय और बलिया ले जाया गया। बलिया में उसे दूसरी गाड़ी में बैठाया गया और उसके सिर पर लगे खून को धोया गया। फिर उसे सुल्तानगंज ले जाया गया, जहां गाड़ी बदलकर सफारी में बैठाया गया और खगड़िया में आरोपी के रिश्तेदार के पानी प्लांट पर करीब एक घंटे तक रखा गया।
इसके बाद उसे भागलपुर ले जाकर ज्योति विहार कॉलोनी स्थित आरोपी के घर में रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने उसके मोबाइल से घरवालों को फोन कर यह कहलवाया कि वह सुरक्षित है और पैसे देने के लिए कहा। व्हाट्सएप कॉल के जरिए पैसे की मांग कराई गई और जबरन उसके खाते से 28,000 रुपये ट्रांसफर भी करवा लिए गए।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।