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15 families farming on the banks of the Tandula River were served eviction notices, leading to uproar.
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CG News: तांदुला नदी किनारे 15 किसान परिवारों को 24 घंटे में बेदखली का नोटिस, खेतों पर प्रशासन का बुलडोजर
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद Published by: बालोद ब्यूरो Updated Sat, 23 May 2026 03:09 PM IST
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जिले के तांदुला नदी के तट पर पीढ़ियों से कृषि कार्य कर रहे 15 किसान परिवारों को प्रशासन द्वारा अचानक जमीन खाली करने का नोटिस थमा दिए जाने से हड़कंप मच गया है। महज 24 घंटे के भीतर बेदखली के इस आदेश से नाराज किसानों ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें झांसे में रखकर कोरे कागज पर दस्तखत कराए गए हैं, वहीं स्थानीय सामाजिक संगठनों ने इसे 'प्रशासनिक आतंकवाद' करार देते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
पीड़ित बोले- हमारे पहुंचने से पहले नोटिस घर पहुंच गया
कृषक रुपेश साहू और लोचन राम साहू ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें बैठक के बहाने बुलाया था। चर्चा के दौरान कलेक्टर इस बात पर सहमत थे कि उक्त स्थान तक नदी का पानी नहीं पहुंचता, इसलिए रियायत दी जा सकती है। लेकिन तहसीलदार अपनी मांग पर अड़े रहे। किसानों का आरोप है कि इसके बाद अधिकारियों ने आप लोगों को कुछ नहीं होगा कहकर उनसे कोरे कागज पर दस्तखत करवा लिए। इसके बाद वे घर पहुंचे भी नहीं थे कि बेदखली का नोटिस उनके दरवाजों पर चस्पा हो चुका था। किसानों का कहना है कि वे 70-80 वर्षों से इस भूमि पर खेती कर आजीविका चला रहे हैं, अब अचानक उन्हें उजाड़ा जा रहा है।
सदर बाजार के रसूखदारों पर मेहरबानी का आरोप
इस विवाद में अब छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना भी कूद गई है। संगठन के पदाधिकारी चंद्रभान साहू ने प्रशासन पर पक्षपात और दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, एक तरफ शहर के रसूखदार इलाके सदर बाजार मार्ग के बड़े अतिक्रमण को छूने में प्रशासन के हाथ-पांव फूल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ केवल 15 गरीब परिवारों को चिह्नित कर निशाना बनाया जा रहा है। अगर कार्रवाई करनी है तो सबकी हो, सिर्फ गरीबों की नहीं।
विस्थापन की मांग पर अड़े किसान
प्रभावित किसानों ने दो टूक कहा है कि यदि नदी किनारे से बेदखली अनिवार्य है, तो प्रशासन पहले उनके पुनर्वास की व्यवस्था करे। उन्हें जीवनयापन के लिए वैकल्पिक कृषि भूमि आवंटित की जाए, अन्यथा वे जमीन खाली नहीं करेंगे।
आईआईटी भिलाई का सर्वे बना कार्रवाई की वजह
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन और आईआईटी भिलाई के बीच तांदुला जलाशय के कायाकल्प और संरक्षण को लेकर एक अनुबंध हुआ है। इसके तहत तकनीकी टीम द्वारा क्षेत्र का ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है। इसी परियोजना को आधार बनाकर नदी के तटीय क्षेत्रों को खाली कराने की कवायद शुरू की गई है, जिसकी जद में ये 15 परिवार आए हैं। फिलहाल इस नोटिस के बाद से क्षेत्र में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल है।
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