बालोद जिले की नवगठित पलारी नगर पंचायत के पहले चुनाव में कांग्रेस ने एकतरफा जीत दर्ज की है। कांग्रेस प्रत्याशी यानेश साहू ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी लखन लाल गुरूपंच को 506 वोटों के भारी अंतर से हराकर अध्यक्ष पद पर अपना कब्जा जमाया है। इस जीत का श्रेय विधायक, जिलाध्यक्ष और युवा कांग्रेसियों को दिया जा रहा है, जिन्होंने युवा सोच के साथ चुनाव प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस जीत ने 'पावर पॉलिटिक्स' के प्रभाव को भी रेखांकित किया।
'सरकार के प्रति गुस्सा' कांग्रेस की जीत का प्रमुख कारण: चंद्रेश हिरवानी
जीत के पश्चात, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि इस चुनाव परिणाम में जनता के मन में सरकार के प्रति स्पष्ट गुस्सा दिखाई दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि 'सत्ता का दबाव' और 'प्रशासन का एकतरफा समर्थन' होने के बावजूद जनता ने भाजपा को करारा जवाब दिया है। हिरवानी ने विश्वास जताया कि कांग्रेस अब नगर पंचायत में बेहतर कार्य करके दिखाएगी। उन्होंने इस जीत को आगामी विधानसभा चुनावों की शुरुआत बताया और कहा कि जिस प्रकार पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस ने सरकार बनाई है, उसी प्रकार पूरे देश और राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार की विफलता
कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने इस बात पर जोर दिया कि जिस तरह से केंद्र और राज्य सरकार आम जनता पर 'प्रहार' कर रही है, उससे यह स्पष्ट है कि जनता परिवर्तन के मूड में है। उन्होंने खाद-बीज, पेट्रोल-डीजल, बिजली बिल जैसे आम जनता से जुड़े मूलभूत मुद्दों और किसानों की समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि इन सभी मोर्चों पर केंद्र और राज्य सरकार विफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रति लोगों में गहरा गुस्सा है और यह पहले से ही तय था कि कांग्रेस यहां जीत दर्ज करेगी, क्योंकि वहां के मतदाता बेहद जागरूक और शांत हैं।