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Kurukshetra: Employees at Miri-Piri Institute stage a sit-in over a salary dispute; Chaduni arrives to extend support.
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कुरुक्षेत्र : मीरी-पीरी संस्थान में वेतन विवाद के चलते धरने पर उतरे कर्मचारी, चढ़ूनी समर्थन में पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र।
मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में वेतन को लेकर विवाद थम नहीं रहा है, जिसके चलते चिकित्सक से लेकर अन्य कर्मी भी हड़ताल पर उतर आए हैं। तीन माह से लंबित वेतन को लेकर कर्मचारियों ने अपने संघर्ष को संगठित रूप देने के लिए 11 सदस्यीय मीरी-पीरी कर्मचारी संघर्ष समिति का गठन किया है, जिसके नेतृत्व में धरना दिया जा रहा है। धरने के चलते मेडिकल संस्थान में ओपीडी प्रभावित रही, जिसके चलते मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। इससे मरीजों में रोष भी दिखाई दिया।
उधर धरना स्थल पर भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढ़नी पहुंचे और उन्होंने समर्थन देते हुए मांगों को जायज करार दिया तो वहीं जल्द पूरा किए जाने की मांग भी की। वहीं संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार संबंधित पक्षों से मांग उठाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते अब आंदोलन का रास्ता अपनाना मजबूरी बन गया है।
बॉक्स
4 करोड़ 20 लाख रुपये वेतन बकाया
12 मई को न्यायालय द्वारा प्रबंधन संबंधी फैसला हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पक्ष में आने के समय संस्थान में लगभग 375 से 380 कर्मचारी कार्यरत थे। लेकिन पिछले करीब दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण कई कर्मचारी नौकरी छोड़ चुके हैं। वर्तमान में संस्थान में कर्मचारियों की संख्या घटकर करीब 335 से 340 रह गई है। स्टाफ की संख्या कम होने के कारण संस्थान का मासिक वेतन व्यय भी घटा है। पहले कर्मचारियों का कुल मासिक वेतन लगभग एक करोड़ 50 लाख रुपये था, जो अब घटकर करीब एक करोड़ 25 लाख से एक करोड़ 30 लाख रुपये प्रतिमाह रह गया है। कर्मचारियों का करीब 4 करोड़ 20 लाख रुपये वेतन बकाया हो चुका है।
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