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son died in an accident caused by a bear in Uttarakhand, his mother also died of shock in Panipat
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उत्तराखंड में भालू के कारण हादसे में बेटे की मौत, पानीपत में सदमे में मां ने भी तोड़ा दम
पानीपत जिले के जौंधन कलां गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। गांव के 22 वर्षीय यश, जो उत्तराखंड के बनार पोस्ट ऑफिस में पोस्टमैन के पद पर कार्यरत था, मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे की खबर सुनकर उसकी मां नीलम (45) सदमे में चली गईं और बुधवार देर रात उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
गुरुवार को जौंधन कलां के शमशान घाट में मां-बेटे का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया, जहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।जानकारी के अनुसार, यश मंगलवार को बनार पोस्ट ऑफिस से साइकिल पर श्यामा गांव में डाक वितरित करने जा रहा था। रास्ते में अचानक भालू के सामने आने से वह घबरा गया, जिसके कारण साइकिल का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरी खाई में जा गिरा।
हादसे में यश की मौके पर ही मौत हो गई। उत्तराखंड पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और परिजनों को सूचना दी।यश की मौत की खबर जैसे ही जौंधन कलां पहुंची, उसकी मां नीलम सदमे में चली गईं। परिजनों के अनुसार, यश दो बहनों का इकलौता भाई था और मां-बाप की उम्मीदों का सहारा था।
नीलम इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सकीं और बुधवार देर रात उनकी भी मृत्यु हो गई। इस दोहरे हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।यश के पिता नरेश कुमार, जो खेती-बाड़ी का काम करते हैं, ने अपने इकलौते बेटे को बारहवीं कक्षा तक पढ़ाया था।
करीब डेढ़ साल पहले यश की उत्तराखंड के डाक विभाग में पोस्टमैन के रूप में नौकरी लगी थी, जिससे परिवार को उम्मीद थी कि वह उनके बुढ़ापे का सहारा बनेगा। लेकिन एक साथ बेटे और पत्नी की मौत ने नरेश की दुनिया उजाड़ दी।गुरुवार को जब जौंधन कलां के शमशान घाट में मां नीलम और बेटे यश का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया, तो परिजनों के साथ-साथ गांव वालों की आंखें भी छलक उठीं।
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