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Mandi: प्रारंभिक से उच्च शिक्षा तक दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का प्रावधान
Ankesh Dogra
Updated Mon, 16 Mar 2026 04:04 PM IST
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दिव्यांग छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए शुरू की गई छात्रवृत्ति योजना एक दूरदर्शी और संवेदनशील कदम सिद्ध हो रहा है। योजना के अंतर्गत ऐसे दिव्यांग छात्र-छात्राएं जो सरकार द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत हैं और जिनकी दिव्यांगता चिकित्सा बोर्ड द्वारा 40 प्रतिशत या उससे अधिक प्रमाणित की गई है, उन्हें बिना किसी आय सीमा के छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। पहली से पाँचवीं कक्षा तक के दिव्यांग छात्र-छात्राओं को 625 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। वहीं छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 750 रुपये प्रतिमाह, नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को 950 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। पहली से दसवीं कक्षा तक के जो दिव्यांग विद्यार्थी छात्रावास में रह रहे हैं, उन्हें 1,875 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी दी जाती है। इसी तरह जमा एक, जमा दो तथा पोस्ट मैट्रिक कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को 1,250 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जबकि छात्रावास में रहने के लिए 2,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। कक्षा जमा दो के बाद डिप्लोमा कोर्स, स्नातक, जेबीटी या आईटीआई करने वाले लाभार्थियों को 1,875 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाती है। वहीं छात्रावास में रहने वालों के लिए यह राशि 3,750 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है। मनोज कुमार निवासी गांव योह तहसील सरकाघाट का कहना है कि उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी रितिका दसवीं कक्षा में पढ़ती है और 60 प्रतिशत दिव्यांग है और छात्रवृत्ति का लाभ मिला है। गांव खरोह तहसील सरकाघाट की रहने वाली ममता बन्याल ने बताया कि उनकी बेटी रिवांशु राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पपलोग में बारहवीं कक्षा में पढ़ती है और 80 प्रतिशत श्रवण बाधित है। योजना के तहत रिवांशु को छात्रवृत्ति मिल रही है। गांव खरोह तहसील सरकाघाट की रजनी कुमारी ने बताया कि उनकी बेटी कनिका शर्मा श्रवण बाधित और 70 प्रतिशत दिव्यांग है। उन्हें प्रदेश सरकार की इस दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना के बारे में पता चला तो उन्होंने इसके लिए आवेदन किया। अब उनकी बेटी को छात्रवृत्ति अब मिल रही है।
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