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Mandi: स्याठी आपदा प्रभावितों को अब तक नहीं मिली स्थायी राहत, किराया और मुआवजे की मांग तेज
Ankesh Dogra
Updated Sun, 07 Jun 2026 10:52 AM IST
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धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत लौंगनी के स्याठी गांव में पिछले वर्ष 30 जून को हुई भीषण बारिश और आपदा से प्रभावित परिवार आज भी स्थायी राहत का इंतजार कर रहे हैं। आपदा में 20 परिवार बेघर हो गए थे, लेकिन प्रभावितों का आरोप है कि उन्हें अब तक न तो स्थायी पुनर्वास मिला है और न ही पूरा किराया और मुआवजा। पूर्व जिला पार्षद एवं हिमाचल किसान सभा के नेता भूपेंद्र सिंह ने स्याठी गांव का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा के लगभग एक वर्ष बाद भी सरकार, स्थानीय विधायक और प्रशासन प्रभावित परिवारों को पर्याप्त राहत देने में विफल रहे हैं। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि आपदा के बाद प्रभावित परिवारों को एक महीने तक गांव के मंदिर में ठहराया गया था। इसके बाद उन्हें किराये के मकानों में रहने को कहा गया, लेकिन अब तक केवल तीन महीने का ही किराया दिया गया है। उन्होंने कहा कि बेघर हुए परिवारों को न तो मकान निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाई गई है और न ही आजीविका के साधनों के नुकसान का पूरा मुआवजा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने 20 प्रभावित परिवारों में से केवल छह परिवारों का ही क्लेम तैयार किया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि कुछ लोगों ने सामाजिक संस्थाओं और दानदाताओं से मिली सहायता राशि से स्वयं जमीन खरीदने का प्रयास शुरू किया है, लेकिन उन्हें प्रशासनिक सहयोग नहीं मिल रहा। भूपेंद्र सिंह ने मांग की है कि सभी 20 परिवारों को बीते 12 महीनों का किराया दिया जाए। इसके अलावा आपदा में मारे गए खच्चरों, बकरियों, भेड़ों, गायों, बैलों तथा क्षतिग्रस्त गौशालाओं का लंबित मुआवजा भी शीघ्र जारी किया जाए। उन्होंने सभी प्रभावित परिवारों को मकान निर्माण के लिए भूमि और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तथा छूटे हुए परिवारों को भी राहत सूची में शामिल करने की मांग उठाई। प्रभावितों का कहना है कि कई मकान तकनीकी रूप से पूरी तरह ध्वस्त नहीं हुए हैं, लेकिन वे अब भी खतरे की जद में हैं और उनमें रहना सुरक्षित नहीं है। प्रशासन ऐसे परिवारों को सहायता देने से इनकार कर रहा है। प्रभावितों ने यह भी बताया कि जहां वे वर्तमान में रह रहे हैं, वहां पेयजल की समस्या बनी हुई है और कुछ परिवारों को रसोई गैस सिलेंडर तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि प्रभावित परिवारों की मांगों को लेकर जल्द ही उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) धर्मपुर को ज्ञापन सौंपा जाएगा और राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने की मांग की जाएगी।
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