{"_id":"676566cd4efe5d381904972c","slug":"health-news-solanhealth-news-solan-solan-news-c-176-1-ssml1042-134527-2024-12-20","type":"video","status":"publish","title_hn":"Solan News: क्षय रोग के साथ अब मलेरिया की होगी स्क्रीनिंग, घरद्वार पर जाएगी टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: क्षय रोग के साथ अब मलेरिया की होगी स्क्रीनिंग, घरद्वार पर जाएगी टीम
शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 20 Dec 2024 11:55 PM IST
Link Copied
-खास खबर- जिले में 2030 तक चलेगा मलेरिया उन्मूलन अभियान जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने की टीम तैयार अस्पतालों के एमओ और आशा वर्करों को दिया प्रशिक्षण जिले में पिछले एक वर्ष में नहीं आया है कोई मलेरिया का मामला संवाद न्यूज एजेंसी सोलन। जिले में अब क्षय रोग के बाद अब मलेरिया की भी स्क्रीनिंग होगी। इसके लिए टीमें घरद्वार पर जाएगी। इसे लेकर पर स्वास्थ्य महकमे ने कमर कस ली है। इसे लेकर अब मलेरिया उन्मूलन अभियान के दौरान टीम लोगों को जागरूक करेगी। केंद्र सरकार के निर्धारित लक्ष्य के अनुसार जिला स्वास्थ्य विभाग ने 2030 तक मलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर कार्य शुरू कर दिया है। अभियान को लेकर जिले के अस्पतालों के मेडिकल आफिसरों समेत आशा वर्करों को इसका प्रशिक्षण दिया है। प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया है कि पिछले एक वर्ष में जिले में एक भी मलेरिया का मामला नहीं आया है। गौर रहे कि बरसात के बाद जिले में डेंगू और मलेरिया मामले आने का खतरा बना रहता है। डेंगू के मामले तो इस बार भी नालागढ़ में आए हैं। इसी बीच मलेरिया को लेकर जिला चिकित्सा विभाग की ओर से अलर्ट जारी कर दिया जाता है। साथ ही लोगों को घरद्वार पर जागरूक करते हैं। इसके लिए सूचना, शिक्षा और प्रसार (आईईसी) की जाती है। इस बार भी आशा वर्कर और अन्य टीमों ने लोगों को जागरूक किया। यही कारण है कि नालागढ़ में इस बार डेंगू के मामलों में भी गिरावट आई है, जबकि परवाणू में भी मामले कम हुए हैं।
इनसेट एमओ और आशा वर्करों को दिलवाई शपथ जिला चिकित्सा विभाग के कार्यालय में एमओ और आशा वर्करों को मलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर शपथ दिलवाई गई। शपथ शुक्रवार को कार्यकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवाड़ ने मेडिकल ऑफिसर और कर्मचारियों ने दिलवाई और मलेरिया अभियान में तेजी से लाने के लिए कहा।
इनसेट ये हैं लक्षण मलेरिया भी मच्छरों के काटने से होने वाला बुखार है। इसमें अधिकतर लक्षण डेंगू के जैसे ही होते हैं। मलेरिया के कारण बुखार के साथ ठंड लगने, उल्टी, सूखी खांसी, पसीना आने और बेहोशी की समस्या होने का खतरा रहता है। गंभीर स्थितियों में मलेरिया के कारण चेतना में कमी, सांस लेने में कठिनाई, गहरे रंग का या पेशाब से खून आने की समस्या हो सकती है।
इनसेट मलेरिया को लेकर विभाग ने कमर कसी हुई है। खास बात यह है कि जिले में कोई भी मलेरिया का मामला काफी समय से नहीं आया है। डेंगू के मामले भी इस बार काफी कम आए है। मलेरिया उन्मूलन अभियान पर भी विभागीय टीम ने काम शुरू कर दिया है। -डॉ. गगन, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सोलन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।