दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की सरगर्मी के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद सियासत गरमा गई है। वीडियो में एक युवक कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला के सामने कथित तौर पर जबरन वोट डलवाने की बात करता दिख रहा है। क्लिप सामने आते ही कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गईं हैं और चुनाव आयोग से शिकायतों का दौर शुरू हो गया है।
वायरल हो रहे 20 सेकंड के वीडियो में भाजपा का जनसंपर्क अभियान चल रहा है। इसी दौरान एक युवक मंत्री राकेश शुक्ला के पास पहुंचकर कहता सुनाई देता है कि लठ से वोट करवाएंगे, मारपीट करके और पकड़कर लोगों से वोट डलवाएंगे। वीडियो में मंत्री मुस्कुराकर युवक की पीठ थपथपाते और अरे वाह कहते भी नजर आ रहे हैं।
वीडियो के सामने आते ही कुछ ही घंटों में इसे हजारों बार शेयर किया जा चुका है। टिप्पणियों में लोग इसे दतिया उपचुनाव से जोड़कर देख रहे हैं।
वीडियो वायरल होते ही कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह बयान लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सीधा हमला है।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि डर और दहशत के बल पर वोट लेना गुंडागर्दी है। भाजपा कार्यकर्ता खुलेआम हिंसा की बात कर रहे हैं और मंत्री उसे प्रोत्साहित कर रहे हैं। चुनाव आयोग को तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि अगर वीडियो में कही गई बातें सच हैं तो यह चुनाव की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। पार्टी ने इस मामले में चुनाव आयोग को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।
विवाद बढ़ता देख भाजपा ने सफाई दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. रामजी खरे ने कहा कि चुनाव के समय कार्यकर्ताओं में जोश होना स्वाभाविक है। कभी-कभी कुछ लोग अति उत्साह में गलत शब्द बोल जाते हैं। उन्होंने कहा, भारतीय जनता पार्टी हमेशा संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखती है। हमारा तरीका हाथ जोड़कर, सेवा करके वोट मांगना है। एक कार्यकर्ता के बयान से पूरी पार्टी को नहीं तौला जा सकता।
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मंत्री राकेश शुक्ला की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। दतिया में उपचुनाव को लेकर पहले से ही माहौल गर्म है। दोनों दल ताकत झोंक रहे हैं। ऐसे में यह वीडियो दोनों पक्षों के लिए हथियार बन गया है। कांग्रेस इसे जनता के बीच ले जाकर भय की राजनीति का मुद्दा बना रही है, तो भाजपा इसे छोटी बात का तिल का ताड़ बताकर पल्ला झाड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो असली है या एडिटेड, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर मीम से लेकर गंभीर बहस तक सब चल रहा है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार वीडियो की जांच की जा रही है। अगर इसमें आचार संहिता उल्लंघन पाया जाता है तो कार्रवाई संभव है। पुलिस भी वीडियो के स्रोत और तारीख की पड़ताल कर रही है।