ग्वालियर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने वाले एक फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। यह कॉल सेंटर ग्वालियर से करीब 70 किलोमीटर दूर मोहना थाना क्षेत्र में एनएच-46 स्थित जैनपथ होटल के कमरों से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड फरार बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार होटल के कमरा नंबर-6 में दबिश देने पर चार युवक लैपटॉप पर ऑनलाइन कॉलिंग और डेटा प्रोसेसिंग करते मिले। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक राजपूत, शिवेंद्र नरेंद्र सिंह परिहार, आर्यन राजपूत उर्फ लाला (झांसी) और शुभोम घोष उर्फ शुभम (ढीमापुर, नागालैंड) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को अमेरिका की लेंडिंग क्लब कंपनी का एजेंट बताकर अमेरिकी नागरिकों से संपर्क करते थे। उन्हें कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा दिया जाता था और फिर सोशल सिक्योरिटी नंबर, बैंकिंग जानकारी तथा प्रोसेसिंग फीस के नाम पर एप्पल गिफ्ट कार्ड, नाइकी गिफ्ट कार्ड सहित अन्य गिफ्ट वाउचर हासिल कर ठगी की जाती थी।
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पुलिस के मुताबिक आरोपी पिछले करीब पांच महीनों से फरार मास्टरमाइंड प्रबल प्रताप सिंह परिहार के निर्देश पर यह फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। अमेरिकी नागरिकों का निजी डेटा वॉट्सएप और ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता था। विदेशी ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी FRANK, LUIS HAMILTON और BRUCE जैसे फर्जी अंग्रेजी नामों का इस्तेमाल करते थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 4 हेडफोन, अंग्रेजी में तैयार ठगी की स्क्रिप्ट, ग्राहकों का डेटा और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को हर महीने 15 से 20 हजार रुपये वेतन दिया जाता था, जबकि ठगी की रकम पर 5 प्रतिशत कमीशन भी मिलता था। फिलहाल पुलिस मास्टरमाइंड प्रबल प्रताप सिंह परिहार की तलाश में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस साइबर ठगी नेटवर्क के तार देश और विदेश में किन-किन लोगों से जुड़े हैं। पुलिस का मानना है कि जांच में इस अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।