कटनी जिले के दो बड़े व्यापारियों के साथ हुई धोखाधड़ी मामले पर जबलपुर हाईकोर्ट ने मेसर्स यूरो प्रतीक कंपनी तीन डायरेक्टर्स सहित सेक्रेटरी को गिरफ्तार न करने पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि अगर जांच सही दिशा में नहीं हो रही तो जांच अधिकारी बदल सकते हैं, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी न करना ये गलत है। पूरा मामला सिहोरा के हरगढ़ में स्थित मेसर्स यूरो प्रतीक इस्पात प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का है, जिसमें कंपनी के चार लोगों ने मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए और कंपनी के दो डायरेक्टर्स हरनीत, सुरेंद्र सलूजा को कंपनी से बाहर कर दिया।
ये भी पढ़ें-
प्रदेश में आज भी जारी रहेगा बारिश का दौर, 45 जिलों में अलर्ट, अगले तीन दिन ऐसा ही रहेगा मौसम
कारोबारी सुरेंद्र सलूजा ने कटनी कोतवाली तो हरनीत सिंह ने माधवनगर थाने पहुंचकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ निवासी हिमांशु श्रीवास्तव, सनमति जैन, सुनील अग्रवाल और लाची मित्तल जोकि कंपनी के तीन डायरेक्टर्स और एक सेक्रेटरी हैं, उनके विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी हस्ताक्षर बनाने सहित करोड़ों की एफडी तोड़ने के मामले पर विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कराया था। हालांकि करीब एक साल बिताने के बाद भी कटनी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
ये भी पढ़ें-
सालाना चोरी होते हैं 10 करोड़ के मोबाइल, नेपाल-दुबई तक फैला है इंदौर के चोरों का नेटवर्क
इसी बीच जबलपुर आईजी ऑफिस का एक पत्र समाने आया, जिसमें जांच पूरी होने तक गिरफ्तारी न करने का जिक्र हुआ था। इस पर जबलपुर हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी करने को कहा गया। पूरे मामले कर कटनी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार डेहरिया ने कहा कि कटनी के 2 थानों में यूरो प्रतीक कंपनी के चार लोगों के विरुद्ध FIR दर्ज है, जिसकी जांच वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व पर जारी है। जानकारी के मुताबिक पूरे प्रकरण की जांच कटनी सीएसपी ख्याति मिश्रा द्वारा की जा रही है। वहीं हाल ही में एक टीम अलग-अलग स्थानों में दबिश देकर गिरफ्तारी के प्रयास किए लेकिन अब तक हाथ खाली रहे हैं।