विश्व के प्रसिद्ध बारह ज्योतिर्लिंगो में से मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थनगरी ओंकारेश्वर स्थित चतुर्थ ज्योतिर्लिंग श्री ओंकारेश्वर के पब्लिक ट्रस्ट ने 2023-24 का अपना आय-व्यय का बजट जारी किया है। इस बजट में ट्रस्ट ने बताया कि साल 2019-20 में उनके पास प्रारम्भिक शेष राशि 13 करोड़ 64 लाख 13 हजार 850 रुपये था। बजट के अनुसार साल 2019-20 में मंदिर के श्री ओंकारेश्वर पब्लिक ट्रस्ट की कुल आय 6 करोड़ 80 लाख 18 हजार 444 रुपये थी। इसके साथ ही लेखों के अनुसार बताया गया है कि ट्रस्ट का कुल खर्च 4 करोड़ 31 लाख 73 हजार 391 रु रहा था।
इसी तरह ज्योतिर्लिंग मंदिर के श्री ओंकारेश्वर पब्लिक ट्रस्ट की साल 2020-21 में कुल आय 2 करोड़ 52 लाख 94 हजार 42 रु थी तो वहीं उस साल ट्रस्ट के व्यय 2 करोड़ 50 लाख 85 हजार 529 रु रहे थे। इसी तरह साल 2021-22 में मंदिर ट्रस्ट की कुल आय 3 करोड़ 95 लाख 91 हजार 65 रु थी तो वहीं उस वर्ष मंदिर ट्रस्ट के व्यय 2 करोड़ 75 लाख 84 हजार 605 रु रहे। इसके बाद साल 2022-23 में ट्रस्ट की कुल आय 10 करोड़ 57 लाख 32 हजार 628 रु थी तो वहीं ट्रस्ट के 5 करोड़ 12 लाख 58 हजार 648 रु के व्यय रहे थे। इसी तरह श्री ओंकारेश्वर पब्लिक ट्रस्ट की साल 2023-24 में कुल 17 करोड़ 96 लाख 68 हजार 159 रु आय थी, जिसके साथ ही उस वर्ष में 7 करोड़ 48 लाख 34 हजार 484 रु व्यय रहा है। इस तरह अंत में श्री ओंकारेश्वर पब्लिक ट्रस्ट के पास कुल 33 करोड़ 27 लाख 81 हजार 531 रु ट्रस्ट के पास बचत में शेष बचे हैं।
श्री ओंकारेश्वर पब्लिक ट्रस्ट की बात करें तो साल 2023-2024 में ट्रस्ट की आय के मुख्य मद जो रहे उनमें...
-श्रीजी आय 3 करोड़ 94 लाख 39 हजार 439 रु,
-श्रीजी भेंट रसीद से 3 करोड़ 28 लाख 31 हजार 102 रु,
-अभिषेक से 20 लाख 56 हजार 330 रु,
-नारियल बिक्री से 4 लाख 86 हजार 750 रु,
-क़ृषि भूमि को खोट से लीज पर देने से 3 लाख 92 हजार 500 रु,
-बैंकों से ब्याज के रूप में मिले 1 करोड़ 28 लाख 32 हजार 618 रु,
-विशेष दर्शन शुल्क से 4 करोड़ 46 लाख 90 हजार 794 रु,
-ऑनलाइन दर्शन की रॉयल्टी से 8 लाख 75 हजार रु,
-ओंकार प्रसादलय की रसीद से 45 लाख 92 हजार 200 रु,
-लड्डू महाप्रसाद फंड से 3 करोड़ 24 लाख 145 रु आय रही है
इसके साथ ही श्री ओंकारेश्वर पब्लिक ट्रस्ट के साल 2023 - 2024 में व्यय के मुख्य मद जो रहे उनमें ...
-ओंकार भोजन प्रसादलय अन्न क्षेत्र में 1 करोड़ 05 लाख 83 हजार 559 रु,
-प्रति वर्ष होने वाले धार्मिक व्यय 5 लाख 61 हजार 173 रु,
-धर्मार्थ के 4 लाख 88 हजार 57 रु,
-कर्मचारी वेतन के 1 करोड़ 45 लाख 09 हजार 633 रु,
-मंदिर रिपेयर खर्च के 18 लाख 98 हजार 753 रु,
-श्रावण मास में निकलने वाली महासवारी के 13 लाख 44 हजार 966 रु,
-सुरक्षा नावों के 2 लाख 97 हजार रु खर्च हुए हैं ।
यही नहीं, इसके अतिरिक्त भी साल 2023-24 में अनुमोदन के लिए जो व्यय रखे गए हैं, उनमें पर्यावरण वातावरण शुद्धि के लिए आयोजित किए गए सोम यज्ञ पर 35 लाख व्यय हुए थे। इसके साथ ही व्हीआईपी दर्शन व्यवस्था हेतु नए रेम्प से महाकाल मंदिर तक 40 लाख रु का व्यय हुआ है। साथ ही दो नए वाहन जिनमें स्कार्पियो एवं बोलेरो के खरीदने पर 35 लाख रु का व्यय हुआ है।